MP में नगर परिषद चुनाव में पार्षदों की ‘खरीद-फरोख्त’ के आरोप, ₹61 लाख की देनदारी का इकरारनामा वायरल

Edited By meena, Updated: 01 Sep, 2026 05:28 PM

allegations of horse trading of councillors in municipal council elections in mp

छतरपुर जिले के चंदला नगर परिषद के चुनाव से जुड़ा एक कथित इकरारनामा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों...

छतरपुर (राजेश चौरसिया) : छतरपुर जिले के चंदला नगर परिषद के चुनाव से जुड़ा एक कथित इकरारनामा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वायरल दस्तावेज में चुनाव के दौरान हुए कथित खर्च, देनदारियों और पार्षदों की खरीद-फरोख्त से जुड़े दावे किए गए हैं। खास बात यह है कि कथित तौर पर चुनावी खर्च का हिसाब-किताब 100 के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर लिखे इकरारनामे में दर्ज किया गया है।

PunjabKesari

6 जुलाई को राजन मैरिज हाउस में बैठक का दावा

वायरल दस्तावेज के मुताबिक 6 जुलाई 2026 को राजन मैरिज हाउस (शोभा होटल) में सर्व समाज की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें अरविंद खटीक, अन्नू और अन्नू खटीक द्वारा सर्व समाज को जानकारी देने का उल्लेख है। दस्तावेज में नगर परिषद अध्यक्ष शोभा खटीक सहित अन्य लोगों की सहमति का भी जिक्र किया गया है।

दस्तावेज में 61 लाख की देनदारी का उल्लेख

कथित इकरारनामे में चुनाव के दौरान हुए खर्च और बकाया राशि का कुल आंकड़ा 61 लाख बताया गया है। इसमें अलग-अलग व्यक्तियों के नाम के सामने रकम दर्ज है

ज्ञानेन्द्र मिश्रा — 22 लाख
पूर्व विधायक राजेश — 34 लाख
अरविंद खटीक — 5 लाख

दस्तावेज में इन रकम को चुनावी खर्च अथवा देनदारी से संबंधित बताया गया है। हालांकि, इसमें दर्ज दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

PunjabKesari

पंचों की मौजूदगी में सहमति का दावा

वायरल इकरारनामे में लिखा है कि पंचों की सर्वसम्मति से अनुज गुप्ता को साथ लेकर काम शुरू करने और बकाया देनदारी चुकाने का निर्णय लिया गया। इसमें अरविंद खटीक और अन्नू खटीक की सहमति तथा किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होने का उल्लेख भी किया गया है। दस्तावेज पर कई लोगों के हस्ताक्षर दिखाई दे रहे हैं।

PunjabKesari

पार्षदों की कथित खरीद-फरोख्त को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल

दस्तावेज सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि चुनाव में वास्तव में खरीद-फरोख्त हुई थी तो किन पार्षदों को, किसके माध्यम से और कितनी राशि में प्रभावित किया गया। हालांकि, वायरल दस्तावेज में पार्षदों के नाम या कथित खरीद-फरोख्त का स्पष्ट विवरण दर्ज नहीं है।

PunjabKesari

चुनावी प्रक्रिया पर उठे सवाल, जांच की मांग संभव

मामला सामने आने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या वायरल दस्तावेज वास्तविक है और इसमें दर्ज 61 लाख की देनदारी किस मद में है। यदि दस्तावेज की प्रमाणिकता सामने आती है तो चुनावी प्रक्रिया में कथित आर्थिक लेनदेन की जांच का विषय बन सकता है। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में किसी कार्रवाई या दस्तावेज की आधिकारिक पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!