Edited By Vandana Khosla, Updated: 09 Jun, 2026 01:43 PM

CG desk: छत्तीसगढ़ राज्य में हाल ही में हुए नगरीय निकायों के उपचुनाव में भाजपा ने पांच सीटों में से तीन पर जीत दर्ज की है। लेकिन, इसके बावजूद प्रदेश भाजपा असंतुष्ट दिखाई दी है। जी हां पार्टी ने इन दो सीटों पर हार की गहन समीक्षा शुरू कर दी है।...
CG desk: छत्तीसगढ़ राज्य में हाल ही में हुए नगरीय निकायों के उपचुनाव में भाजपा ने पांच सीटों में से तीन पर जीत दर्ज की है। लेकिन, इसके बावजूद प्रदेश भाजपा असंतुष्ट दिखाई दी है। जी हां पार्टी ने इन दो सीटों पर हार की गहन समीक्षा शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश संगठन ने मंडल और जिला स्तर से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। भाजपा ये पता लगाने में जुटी है कि ऐसी कौन सी बात है जिससे दो सीटों वाले क्षेत्रों में चुनावी नतीजे प्रभावित हुए है। पार्टी का मानना है कि कहीं जनता में स्थानीय विधायकों, जनप्रतिनिधियों या संगठन पदाधिकारियों के प्रति कोई नाराजगी तो नहीं है।
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश में सरकार बनने के बाद पार्टी के प्रति जनता का रुझान सकारात्मक है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की सक्रियता, विकास कार्यों की गति और जनता से संवाद की स्थिति अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न है। इसी कारण संगठन अब बूथ स्तर तक फीडबैक जुटाने में लगा हुआ है। पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि कुछ क्षेत्रों में गुटबाजी, टिकट चयन और स्थानीय मुद्दों का असर देखने को मिला। वहीं, मंडलों से मांगी गई रिपोर्ट में मतदान प्रतिशत, बूथवार प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और विपक्ष की रणनीति का भी विश्लेषण शामिल किया गया है।
वहीं, बीजेपी का कहना है कि भाजपा आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों के साथ-साथ भविष्य के बड़े चुनावों को देखते हुए किसी भी तरह की कमजोरी को नजरअंदाज नहीं करना चाहती। यही वजह है कि जीत के बावजूद संगठन परिणामों की गहन जांच में जुटा है। सूत्रों की मानें तो समीक्षा रिपोर्ट आने के बाद प्रदेश संगठन की महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है, जिसमें कमजोर क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति बनाई जाएगी।