Edited By meena, Updated: 29 Nov, 2025 12:24 PM

हरदा में सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व कृषि मंत्री एवं...
हरदा (राकेश खरका) : हरदा में सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व कृषि मंत्री एवं सांसद प्रतिनिधि कमल पटेल पर गंभीर आरोप लगाए। दोगने ने कमल पटेल को “नकली नेता” बताते हुए कहा कि उन्होंने शहीद इलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का फर्जी भूमि पूजन कर न केवल जनता को गुमराह किया, बल्कि कार्यक्रम में मौजूद क्षेत्र के आदिवासी सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री डी.डी. उईके का भी अपमान किया। पूरा कार्यक्रम बिना अधिकृत स्वीकृति के कराया गया। विधायक ने कहा कि केंद्रीय मंत्री का पद संवैधानिक गरिमा वाला होता है, लेकिन कमल पटेल ने उनके सामने ही मुख्य अतिथि बनकर भूमि पूजन कर पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई।
दोगने ने आरोप लगाया कि यह घटना साबित करती है कि भाजपा आदिवासी समुदाय के प्रति संवेदनशील नहीं है। परियोजना की प्रगति और आंकड़े भी रखे। दोगने ने बताया कि—परियोजना का टेंडर जनवरी 2024 में जारी हुआ, कंपनी से एग्रीमेंट हुआ। योजना का बजट बढ़कर 993.38 करोड़ हुआ और 24 नवंबर 2025 को प्रशासकीय स्वीकृति मिली।
परियोजना पूरी होने पर हरदा जिले के 118 गांवों की 39,976 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में विधानसभा में लगातार प्रयासों से 50 करोड़ और 100 करोड़ की अतिरिक्त राशि स्वीकृत कराई गई।
सरकारी कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए विधायक दोगने ने बताया कि 4 फरवरी 2025 को चिचोटकुटी में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 316.20 करोड़ के लोकर्पण एवं भूमिपूजन किए गए, जो वास्तविक विकास कार्य हैं। “कमल पटेल के कार्यकाल में हरदा ने विकास का नाम नहीं देखा। अब जब कांग्रेस काम कर रही है, तो झूठे क्रेडिट लेने की होड़ लगी है।”

भाजपा की तरफ से जवाब
दूसरी तरफ भाजपा नेताओं ने दोगने के आरोपों को राजनीति प्रेरित बताया। भाजपा का कहना है “हरदा में विकास हमेशा भाजपा सरकार ने किया है। कांग्रेस सिर्फ भाषण और पत्रों तक सीमित है। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें लगातार किसानों और आम जनता के हित में काम कर रही हैं।”
हरदा में सिंचाई परियोजना को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग चरम पर है। फर्जी भूमि पूजन का आरोप और आदिवासी केंद्रीय मंत्री के कथित अपमान का मुद्दा अब बड़ा राजनीतिक विवाद बन चुका है, जिससे आने वाले समय में जिले की राजनीति में और भी गर्मी बढ़ने की संभावना है।