CBI से कराई जा सकती है अवैध खनन से हुई मौतों की जांच, HC ने सरकार से मांगा जवाब

Edited By suman, Updated: 11 Oct, 2018 12:59 PM

cbi seeks probe of illegal mining deaths

ग्वालियर चंबल संभाग में रेत माफिया के बढ़ती दबंगई के चलते अवैध खनन रोकने के दौरान 2012 से 2018 के बीच पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों सहित आम जनता की जानें जा चुकी हैं।  याचिकाकर्ता एडवोकेट अवधेश भदौरिया ने इस मामले में हाईकोर्ट से सीबीआई...

ग्वालियर: ग्वालियर चंबल संभाग में बढ़ते अवैध रेत उत्खनन पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर की है। अवैध खनन रोकने के दौरान 2012 से अब तक हुईं मौतों को लेकर हाईकोर्ट में लगी याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों से पूछा कि क्यों ना मामले की जांच CBI को सौंप दी जाए। 

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 संभाग में रेत माफिया के बढ़ती दबंगई के चलते अवैध खनन रोकने के दौरान 2012 से 2018 के बीच पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों सहित आम जनता की जानें जा चुकी हैं। याचिकाकर्ता एडवोकेट अवधेश भदौरिया ने इस मामले में हाईकोर्ट से सीबीआई की जांच की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाए थे खनन माफिया कुछ अधिकारियों और राजनेताओं के संरक्षण में फल फूल रहे है और बेरोकटोक अपना अवैध कारोबार कर रहे हैं और जब कोई उनके अवैध कारोबार पर कार्रवाई करने जाता है तो उस कर्मचारी, अधिकारी की हत्या कर दी जाती है।  

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याचिकाकर्ता ने कहा कि  2012 से 2018 में अब तक अवैध खनन रोकने के दौरान हुईं हत्याओं के मामले में पुलिस ने भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हत्याओं पर नाराजगी जताते हुए प्रमुख सचिव गृह, खनिज, राजस्व,  डीजीपी, कमिश्नर ग्वालियर , कमिश्नर चम्बल, आईजी ग्वालियर, आईजी आदि को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब माँगा है। हाईकोर्ट ने इन मौतों पर पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए प्रतिवादियों से पूछा कि क्यों ना मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाए। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह  बाद होगी। 

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