Edited By meena, Updated: 09 Jun, 2026 12:58 PM

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयसीमा से बाहर लंबित प्रकरणों...
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयसीमा से बाहर लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए कई अधिकारियों पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सेवा में देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
तहसीलदार और नायब तहसीलदारों पर अलग-अलग पेनाल्टी
बैठक में समयसीमा से बाहर प्रकरण पाए जाने पर नायब तहसीलदार बछौन एवं छठीबम्हौरी पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं तहसीलदार ईशानगर, बमनौराकलॉ तथा नायब तहसीलदार घुवारा पर 2-2 हजार रुपये की पेनाल्टी अधिरोपित की गई।इसके अलावा नायब तहसीलदार रानीपुरा एवं सडवा पर 1500-1500 रुपये, तहसीलदार बिजावर तथा नायब तहसीलदार जुझारनगर पर 1-1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जनपद स्तर के अधिकारियों पर भी कार्रवाई
बैठक में तहसीलदार घुवारा, छतरपुर, नौगांव तथा नायब तहसीलदार भगवां, लुगासी एवं सरबई पर 500-500 रुपये की पेनाल्टी लगाई गई। वहीं जनपद सीईओ बक्सवाहा पर 500 रुपये तथा बक्सवाहा जनपद पंचायत के गढ़ोही, निवार एवं मानकी के सचिवों पर भी 500-500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
कलेक्टर ने दी चेतावनी
कलेक्टर ने अधिकारियों को समयसीमा में प्रकरणों के निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि लोक सेवा गारंटी योजना में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।