Edited By Himansh sharma, Updated: 23 May, 2026 04:39 PM

मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल लगातार तेज हो गई है।
भोपाल: मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल लगातार तेज हो गई है। 18 जून को होने वाले मतदान से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुट गए हैं। कुल 26 सीटों पर चुनाव होना है, जिनमें मध्यप्रदेश की 3 सीटें भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस बार चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है, जिससे पार्टी के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन और भी तेज हो गया है।
इसी बीच कांग्रेस में सबसे बड़ा राजनीतिक फोकस पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ पर टिक गया है। पार्टी के भीतर यह चर्चा जोरों पर है कि कांग्रेस इस बार एक बार फिर अपने अनुभवी चेहरे कमल नाथ पर भरोसा जता सकती है और उन्हें राज्यसभा भेजने की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि कमजोर होते राजनीतिक समीकरण और संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच कांग्रेस किसी ऐसे चेहरे की तलाश में है जो विधायकों को एकजुट रखने में सक्षम हो। ऐसे में कमल नाथ का नाम सबसे मजबूत विकल्प के रूप में सामने आ रहा है। वहीं अन्य संभावित नामों में जीतू पटवारी, अरुण यादव, सज्जन सिंह वर्मा और कमलेश्वर पटेल जैसे नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं।
कांग्रेस के लिए चुनौती यह भी है कि कुछ विधायकों की स्थिति और मतदान गणित पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में पार्टी किसी मजबूत और सर्वमान्य चेहरे को उतारकर अपने वोट बैंक को सुरक्षित करने की रणनीति पर काम कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर कांग्रेस कमल नाथ पर दांव लगाती है, तो यह न सिर्फ पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश देगा बल्कि राज्यसभा चुनाव में मुकाबले को भी दिलचस्प बना सकता है।फिलहाल सभी दलों की नजरें आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई हैं।