Edited By Himansh sharma, Updated: 24 May, 2026 08:22 PM

: मध्य प्रदेश के दतिया में संभावित उपचुनाव की आहट के साथ राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया में संभावित उपचुनाव की आहट के साथ राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस और बीजेपी जहां अभी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हैं, वहीं आजाद समाज पार्टी ने सबसे पहले चुनावी मैदान में उतरकर सियासी समीकरणों में हलचल बढ़ा दी है। पार्टी ने दामोदर यादव को प्रत्याशी घोषित कर स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि इस बार मुकाबला केवल दो दलों तक सीमित नहीं रहने वाला।
इसी बीच पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए यादव समाज और पाल समाज के कई लोगों को भाजपा की सदस्यता दिला दी। इसे दतिया की बदलती चुनावी बिसात में अहम कदम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकार इसे सामाजिक आधार मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं, खासकर तब जब आजाद समाज पार्टी भी यादव वोट बैंक पर नजर बनाए हुए है।
दतिया सीट पर राजनीतिक सरगर्मी उस समय और बढ़ गई जब कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद उपचुनाव की संभावनाएं मजबूत हो गईं। आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में तीन साल की सजा के बाद यह सीट चर्चा के केंद्र में आ गई है।

भाजपा में शामिल हुए लोगों का स्वागत करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि विभिन्न समाजों का लगातार पार्टी से जुड़ना संगठन पर जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उनका दावा है कि भाजपा की जनकल्याणकारी नीतियों से प्रभावित होकर लोग पार्टी का समर्थन कर रहे हैं।
दतिया का यह संभावित उपचुनाव अब केवल एक विधानसभा सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में प्रभाव और सामाजिक समीकरणों की नई परीक्षा बनता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में और राजनीतिक फेरबदल इस मुकाबले को और रोचक बना सकते हैं।