Edited By Himansh sharma, Updated: 03 Oct, 2026 01:39 PM

भारतीय टीम की इस शानदार जीत के बाद ग्वालियर में भी जश्न का माहौल है। जैसे ही चीन के खिलाफ भारत की जीत की खबर सामने आई, इशिका चौधरी के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई
ग्वालियर (अंकुर जैन): मध्य प्रदेश के ग्वालियर के लिए गर्व और पूरे देश के लिए ऐतिहासिक पल... एशियाई खेल 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। खास बात यह है कि इस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा ग्वालियर की बेटी इशिका चौधरी भी हैं।
भारतीय टीम की इस शानदार जीत के बाद ग्वालियर में भी जश्न का माहौल है। जैसे ही चीन के खिलाफ भारत की जीत की खबर सामने आई, इशिका चौधरी के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार के लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया और बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व जताया।
इशिका चौधरी की मां गायत्री चौधरी के लिए यह पल बेहद भावुक और गर्व से भरा रहा। बेटी को भारतीय टीम की जर्सी में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल्ड मेडल जीतते देख उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ उनकी बेटी की नहीं, बल्कि पूरे ग्वालियर और देश के लिए गर्व का विषय है।
वहीं, इशिका के कोच अविनाश भटनागर ने भी उनकी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को याद किया। उन्होंने बताया कि इशिका ने अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए लंबे समय तक कड़ी मेहनत की है। लगातार अभ्यास, अनुशासन और मेहनत के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और अब भारतीय टीम के साथ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
चीन के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया और 1-0 से जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया। साथ ही टीम ने ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है।
भारतीय महिला हॉकी टीम की इस ऐतिहासिक जीत से देशभर में खुशी का माहौल है। वहीं, ग्वालियर की बेटी इशिका चौधरी की इस उपलब्धि ने शहर का गौरव भी बढ़ाया है। परिवार से लेकर उनके कोच और शहर के खेल प्रेमियों तक, हर कोई इशिका की इस कामयाबी पर गर्व महसूस कर रहा है। गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद अब इशिका चौधरी और उनकी टीम की नजरें आने वाली अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर हैं।