सरकार से वार्ता के लिए तैयार हुए जूनियर डॉक्टर्स, फिलहाल जारी रहेगी हड़ताल

Edited By kamal, Updated: 25 Jul, 2018 11:00 AM

junior doctors ready for government dialogue will continue now

मानदेय में वृद्धि समेत तीन प्रमुख मांगों को लेकर मध्यप्रदेश के पांच चिकित्सा महाविद्यालयों के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) की हड़ताल राज्य सरकार के सख्त कदमों के बावजूद आज तीसरे दिन जारी रखने का फैसला लिया गया है। जूडा के एक पदाधिकारी डॉ कृपाशंकर...

भोपाल : मानदेय में वृद्धि समेत तीन प्रमुख मांगों को लेकर मध्यप्रदेश के पांच चिकित्सा महाविद्यालयों के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) की हड़ताल राज्य सरकार के सख्त कदमों के बावजूद आज तीसरे दिन जारी रखने का फैसला लिया गया है। जूडा के एक पदाधिकारी डॉ कृपाशंकर तिवारी ने बताया कि जूडा के प्रतिनिधि इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा करना चाहते हैं।
PunjabKesari
उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग का रुख हड़ताली जूनियर डॉक्टर्स की जायज मांगों को लेकर किए जा रहे आंदोलन और उनकी आवाज को दबाने का प्रतीत होता है, लेकिन वे किसी दबाव में नहीं आएंगे। डॉ तिवारी ने स्वीकार किया कि गत देर रात इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और रीवा के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों के पांच पांच (कुल 20) जूनियर डॉक्टर्स को निष्कासित कर दिया गया है। इस कार्रवाई की जद में आने वाले वे स्वयं भी हैं।
PunjabKesari
उन्होंने कहा कि पांचों मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स आपस में संपर्क में हैं और अगली रणनीति पर भी विचार विमर्श चल रहा है। डॉ तिवारी ने कहा कि मानदेय बढ़ाने के अलावा मेडिकल कालेज और उनसे जुड़े अस्पतालों में ढांचागत सुविधाएं बढ़ाने तथा डिग्री हासिल करने के दौरान बांड भरवाए जाने संबंधी नियमों में परिवर्तन की मांग को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। सबसे पहले विभिन्न स्तर पर चिकित्सा शिक्षा विभाग और सरकार को ज्ञापन दिए गए। 16 जुलाई से एक सप्ताह तक जूनियर डॉक्टर्स ने समानांतर ओपीडी संचालित की। इसके बाद 23 जुलाई से पांचों चिकित्सा महाविद्यालयों में हड़ताल शुरू की गयी। इसके तहत जूनियर डॉक्टर्स सिर्फ आपातकालीन सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि पैरामेडिकल स्टाफ भी हड़ताल में साथ है।

कल दिन में पांच मेडिकल कॉलेज के लगभग पांच सौ जूनियर डॉक्टर्स ने अपने त्यागपत्र भी महाविद्यालय स्टाफ को सौंप दिए। उन्होंने बताया कि भोपाल के अलावा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा चिकित्सा महाविद्यालयों के लगभग डेढ़ हजार जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि मरीजों के इलाज के प्रति जूनियर डॉक्टर्स भी संवेदनशील है, लेकिन सरकार को उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक और संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए। इस बीच राज्य सरकार ने जूडा की हड़ताल के मद्देनजर पहले दिन 23 जुलाई को ही आवश्यक सेवाएं संधारण अधिनियम (एस्मा) लागू कर आगामी तीन माह तक चिकित्सकों समेत चिकित्सा शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

सरकार ने जूडा से काम पर लौटने के लिए कहा है, अन्यथा उनके खिलाफ और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं हों, इसलिए आपातकालीन व्यवस्था के तहत चिकित्सा महाविद्यालयों के प्राध्यापक आदि को मरीजों के इलाज के लिए तैनात किया है। सेवाएं बरकरार रखने के लिए अन्य आवश्यक कदम भी उठाए गए हैं, लेकिन मरीजों के आपरेशन और अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। 

Related Story

Trending Topics

IPL
Chennai Super Kings

176/4

18.4

Royal Challengers Bangalore

173/6

20.0

Chennai Super Kings win by 6 wickets

RR 9.57
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!