Edited By Vandana Khosla, Updated: 23 May, 2026 05:54 PM

पन्नाः मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पुलिस पर एक बार फिर गाज गिरी है। जहां निलंबन के बाद टीआई समेत तीन पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने बागेश्वर धाम जा रहे एक व्यापारी को शिकार बनाया था। आरोपियों ने कारोबारी को...
पन्नाः मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पुलिस पर एक बार फिर गाज गिरी है। जहां निलंबन के बाद टीआई समेत तीन पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने बागेश्वर धाम जा रहे एक व्यापारी को शिकार बनाया था। आरोपियों ने कारोबारी को गांजा तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे 95 हजार रुपये की अवैध वसूली की थी।
जानकारी के अनुसार, रीवा निवासी सोने-चांदी के व्यापारी मोहनलाल सोनी अपनी गाड़ी से बागेश्वर धाम दर्शन के लिए निकले थे। इसी दौरान पेट्रोल पंप के पास मडला थाना के दो आरक्षकों ने उन्हें वाहन चेकिंग के नाम पर रोका गया। कार की डिग्गी को खुलवाया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कार में खुद एक छोटा बैग रखकर व्यापारी को गांजा के झूठा केस में फंसाने की साजिश रच दी। उस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करने की धमकी दी।
पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उससे एक लाख रुपये की मांग की। व्यापारी ने खुद को बचाने के लिए अलग-अलग खातों से कुल 95 हजार रुपये ट्रांसफर करवा दिए गए। इसके बाद पीड़ित ने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक पन्ना से की। इसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई।
मामले में जांच के बाद मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, पुलिसकर्मी रज्जाक खान, रामशरण अहिरवार और उनके एक साथी बृजेश यादव आरोपी पाए गए। पुलिस ने टीआई समेत तीनों के खिलाफ साजिश और जबरन वसूली की संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इस कार्रवाई के बाद महकमे में हड़कंप मचा है।