Edited By meena, Updated: 12 Mar, 2026 05:42 PM

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई, जिसमें व्हाट्सएप पर कथित आपत्तिजनक संदेश साझा करने के आरोप में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है...
भोपाल : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई, जिसमें व्हाट्सएप पर कथित आपत्तिजनक संदेश साझा करने के आरोप में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है। न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने मामले में मध्य प्रदेश पुलिस और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।
ये है पूरा मामला
बुद्ध प्रकाश बौद्ध पर 27 सितंबर को एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप थे कि उन्होंने एक व्हट्स ऐप ग्रुप में हिंदू धर्म और ब्राह्मण समुदाय के बारे में अपमानजनक और भ्रामक टिप्पणियों वाला एक मैसेज पोस्ट किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन मैसेज में लिखा था- एक अच्छे हिंदू होने के लिए गोमांस खाना जरूरी है, कुछ अवसरों पर बैल की बलि और मांस खाना अनिवार्य है, ब्राह्मण नियमित रूप से गोमांस खाते हैं, और कुछ धार्मिक कार्यक्रमों में कथित तौर पर गायों और बैलों का वध किया जाता है। इस पर शिकायकर्ता ने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को बहुत सम्मान दिया जाता है, इसलिए इस पोस्ट ने उनकी और अन्य हिंदू और ब्राह्मण समुदाय के सदस्यों की धार्मिक भावनाओं को गहरा ठेस पहुंचाई है। इसके बाद पुलिस ने बुद्ध प्रकाश के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। हालांकि बुद्ध प्रकाश ने इस एफआईआर को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था, हालांकि हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।
क्या कहा था हाईकोर्ट ने
बुद्ध प्रकाश बौद्ध ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज कर दी गई थी। अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि यह मामला ऐसी सामग्री के प्रकाशन या प्रसार से जुड़ा है, जो धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकती है या समाज में वैमनस्य बढ़ा सकती है। इसी आधार पर एफआईआर को रद्द करने की मांग को खारिज कर दिया गया था। अब इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आगे सुनवाई होगी।
पुलिस ने पोस्ट को बताया आपत्तिजनक
पुलिस के अनुसार, बुद्ध प्रकाश बौद्ध ने व्हाट्सएप पर सात पेज का एक संदेश साझा किया था, जिसमें हिंदू धर्म और ब्राह्मण समुदाय को लेकर कथित तौर पर “आपत्तिजनक और भ्रामक” टिप्पणियां की गई थीं। शिकायत के मुताबिक, संदेश में यह दावा किया गया था कि “अच्छा हिंदू बनने के लिए गोमांस का सेवन जरूरी है” और कुछ अवसरों पर बैलों की बलि तथा मांस सेवन को अनिवार्य बताया गया था।