पेट्रोल-डीजल अब कैश में मिलेगा! सरकार से नाराज डीलर्स एसोसिएशन का बड़ा फैसला, मुसीबत में जनता

Edited By meena, Updated: 19 Sep, 2026 06:14 AM

major decision by the mp petrol pump dealers association regarding upi payments

मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 2000 रुपये से अधिक के बिलों का यूपीआई से भुगतान स्वीकार नहीं करने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन के अनुसार यह व्यवस्था...

भोपाल : मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 2000 रुपये से अधिक के बिलों का यूपीआई से भुगतान स्वीकार नहीं करने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन के अनुसार यह व्यवस्था 16 अक्टूबर से लागू की जाएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि यूपीआई से भुगतान लेने पर प्रत्येक पेट्रोल पंप संचालक पर हर महीने करीब 17,400 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

सिंह के अनुसार 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू होने के बाद यह निर्णय लिया गया है। ईंधन को रियायती श्रेणी में रखा गया है और 2000 रुपये की सीमा से अधिक के प्रत्येक लेन-देन पर पांच रुपये का एक समान एमडीआर लागू है। 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ प्रति लेन-देन यह लागत 5.90 रुपये बैठती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पेट्रोल पंप पर प्रतिदिन औसतन 100 ऐसे लेन-देन होते हैं, जिससे करीब 500 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। 18 प्रतिशत जीएसटी के 90 रुपये जोड़ने पर यह राशि 590 रुपये हो जाती है। इससे महीने में करीब 17,400 रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। प्रदेश के सभी 4,700 पेट्रोल पंपों को मिलाकर यह राशि करीब 8.17 करोड़ रुपये मासिक बैठती है।

एसोसिएशन का कहना है कि किसी भी तरह की मुद्रा स्वीकार नहीं करना कानूनी रूप से गलत है, लेकिन डिजिटल भुगतान के संबंध में ऐसा कोई नियम या दबाव नहीं है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रघुवंशी ने कहा कि पेट्रोल पंप व्यवसाय में बचत कम और खर्च बढ़ गया है। कर्मचारियों का वेतन, बिजली बिल सहित कई खर्च वहन करने होते हैं। उन्होंने कहा कि एमडीआर की राशि पेट्रोलियम कंपनियों से वसूल की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंप संचालक पंप बंद करना चाहते हैं, लेकिन कंपनी के नियमों के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही सरकार की नीतियों के कारण भी पंप का संचालन मुश्किल हो रहा है। 

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