मीनाक्षी नटराजन मामले में सुप्रीम कोर्ट से आया बड़ा फैसला

Edited By meena, Updated: 12 Jun, 2026 01:30 PM

major supreme court verdict in the meenakshi natarajan case

कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारीज किए जाने मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन से कहा...

भोपाल : कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारीज किए जाने मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन से कहा कि नॉमिनेशन रद्द होने पर चुनाव आयोग से संपर्क करना ही एकमात्र उपाय है। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि किसी उम्मीदवार का नामांकन निर्वाचन अधिकारी द्वारा निरस्त किए जाने के बाद उसके पास राहत पाने के लिए भारत के निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई अन्य उपाय नहीं होता। न्यायालय ने नटराजन से यह भी पूछा कि क्या वह ऐसा कोई फैसला दिखा सकती हैं, जिसमें अदालत ने इस प्रकार के मामलों में हस्तक्षेप किया हो।

न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने कहा, ''निर्णय कितना भी त्रुटिपूर्ण क्यों न हो, एक बार नामांकन खारिज हो जाने के बाद सामान्यतः इसका उपाय कहीं और उपलब्ध होता है। क्या इस न्यायालय का ऐसा कोई निर्णय है, जिसमें हमने इस चरण में हस्तक्षेप किया हो?'' नटराजन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने दलील दी कि किसी उम्मीदवार को केवल वही आपराधिक मामला घोषित करना होता है, जिसमें न्यूनतम दो वर्ष की सजा का प्रावधान हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान मामले में केवल समन जारी हुए थे।

सिंघवी ने कहा कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए नटराजन का नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एक आपराधिक मामले का खुलासा न करने के आरोप में गलत तरीके से खारिज कर दिया। राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी अरविंद शर्मा के आदेश में कहा गया कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद यह पाया गया कि नटराजन ने अपने नामांकन के साथ दाखिल फॉर्म-26 में एक न्यायालयीन शिकायत का उल्लेख नहीं किया और इस प्रकार अधूरा शपथपत्र प्रस्तुत किया। मध्य प्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी के अनुसार, सत्तारूढ़ भाजपा के उम्मीदवार महेश केवट ने निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की थी कि नटराजन ने अपने शपथपत्र में तेलंगाना में उनके खिलाफ दर्ज एक मामले का उल्लेख नहीं किया है।

बता दें कि मध्य प्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने के आरोप में खारीज कर दिया गया था। जिसके बाद कांग्रेस ने इस फ़ैसले को चुनौती देते हुए चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। वहीं कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग से शिकायत किए जाने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली। अब सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर भाजपा तीसरी सीट के उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को बीते कल विजेता घोषित कर चुकी है।

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