CM मोहन यादव बोले- चिकित्सा पेशा नहीं, मानव सेवा का माध्यम है

Edited By meena, Updated: 18 May, 2026 07:38 PM

cm mohan yadav says the medical profession is not a business but a medium for

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मरीज की चिकित्सा सिर्फ एक पेशा नहीं, यह मानव सेवा का एक बड़ा माध्यम है। हमें ऐसे चिकित्सक तैयार करने है, जो मानव सेवा और मरीज की सेवा की भावना से भरे हुए हों...

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मरीज की चिकित्सा सिर्फ एक पेशा नहीं, यह मानव सेवा का एक बड़ा माध्यम है। हमें ऐसे चिकित्सक तैयार करने है, जो मानव सेवा और मरीज की सेवा की भावना से भरे हुए हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में आयोजित एक समझौता ज्ञापन बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की उपस्थिति में राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग तथा सेवांकुर भारत, डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर वैद्यकीय प्रतिष्ठान, छत्रपति संभाजी नगर (महाराष्ट्र) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। एमओयू की अवधि पांच साल की है। इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश को सेवा-प्रधान स्वास्थ्य नेतृत्व का मॉडल राज्य बनाना है। एमओयू का मुख्य लक्ष्य सेवा-प्रधान डॉक्टरों की ऐसी पीढ़ी तैयार करना है, जो पेशेवर ही नहीं, समाज में परिवर्तन के वाहक भी बनें। यह एमओयू अनुभव-आधारित शिक्षण व मूल्य-आधारित नेतृत्व विकास अर्थात् सेवा के जरिये सीखने के सिद्धांत पर आधारित है। इसके तहत "एक सप्ताह देश के नाम" कार्यक्रम आयोजन किया जायेगा, जिसमें लगभग 300 प्रतिभागियों को छत्रपति संभाजीनगर में गहन प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस कार्यक्रम के बाद निरंतर सहभागिता के लिए अनुभव साझा सत्र एवं व्यक्तित्व विकास शिविर भी आयोजित किया जायेगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल सहित सेवांकुर भारत प्रकल्प के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

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उल्लेखनीय है कि डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर वैद्यकीय प्रतिष्ठान की स्थापना वर्ष 1989 में समाज के प्रति समर्पित चिकित्सकों द्वारा की गई थी। गत तीन दशकों में संस्था ने 70 लाख से अधिक वंचित एवं जरूरतमंद रोगियों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं करुणामय चिकित्सा सेवा प्रदान की है। संस्था का केंद्र बिंदु डॉ. हेडगेवार रुग्णालय, छत्रपती संभाजीनगर (औरंगाबाद) है, जो सेवाभाव, सादगी एवं व्यावसायिक उत्कृष्टता के साथ आम जन तक उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने हेतु प्रतिबद्ध है। वर्तमान में प्रतिष्ठान देशभर में 46 एकीकृत परियोजनाओं का संचालन कर रहा है, जिनमें संभाजीनगर, नाशिक एवं शिवसागर (असम) के बहु-विशेषज्ञता अस्पताल, चिकित्सा, नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय, एशिया का अग्रणी अत्याधुनिक रक्तपेढी; तथा झुग्गी बस्ती एवं ग्रामीण स्वास्थ्य परियोजनाएं सम्मिलित हैं। हृदय शल्यचिकित्सा, आईवीएफ, नवजात शिशु देखभाल, एमआरआई एवं कैथ लैब जैसी उन्नत सुविधाओं के साथ-साथ संस्था महिला एवं बाल विकास, टीकाकरण अभियान और जनस्वास्थ्य जागरूकता जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय है।

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