भाजपा का अनर्थशास्त्र- जनता की जेब खाली, सरकार की तिजोरी भारी, यह जीएसटी ग्रोथ नहीं, महंगाई ग्रोथ है - कांग्रेस

Edited By meena, Updated: 07 Oct, 2026 07:18 PM

congress spokesperson surendra singh attacks bjp

मोदी सरकार का सीधा गणित है-जितनी अधिक महंगाई होगी, उतना अधिक टैक्स कलेक्शन बढ़ेगा। सरकार आम जनता की जेब काटकर अपना खजाना भर रही है...

रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह) : सितंबर 2026 में जीएसटी कलेक्शन में 14.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2.03 लाख करोड़ के वसूली के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार उपलब्धि का ढोल पीट रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि यह वृद्धि जनहित से नहीं, बल्कि कमरतोड़ महंगाई और अनियंत्रित आयात के कारण हुई है। आयात से प्राप्त जीएसटी में 25.9 प्रतिशत की भारी वृद्धि यह साबित करती है कि देश और प्रदेश में निर्माण व घरेलू व्यापार पिछड़ रहा है और हम विदेशी सामानों पर निर्भर होते जा रहे हैं। रुपए के ऐतिहासिक निचले स्तर पर गिरने और डॉलर के मजबूत होने से आयातित इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, खाद उर्वरक और कमोडिटी के दाम आसमान छू रहे हैं। मोदी सरकार का सीधा गणित है-जितनी अधिक महंगाई होगी, उतना अधिक टैक्स कलेक्शन बढ़ेगा। सरकार आम जनता की जेब काटकर अपना खजाना भर रही है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार सितंबर 2026 के जीएसटी कलेक्शन के 2.03 लाख करोड़ पहुंचने का जश्न मना रही है। लेकिन यह जश्न छत्तीसगढ़ की आम जनता, किसान और छोटे व्यापारियों के आंसुओं पर मनाया जा रहा है। मोदी सरकार का सीधा फंडा बन चुका है जितनी ज्यादा महंगाई बढ़ाओ, उतना ज्यादा टैक्स वसूल करो। आयातित खाद, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे हो रहे हैं, रुपया डॉलर के सामने घुटने टेक चुका है और सरकार इस ‘महंगाई आपदा को अपने टैक्स अवसर’ में बदल रही है। सरकार का ‘सीधा फंडा’ बन चुका है-जितनी ज्यादा महंगाई बढ़ाओ, उतना ज्यादा टैक्स वसूल करो।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह विकास का आंकड़ा नहीं, बल्कि जनता की जेब पर पड़ी श्सरकारी डकैती का रसीद-कांटा है। महंगाई जितनी बढ़ेगी, भाजपा सरकार की तिजोरी उतनी ही भरेगी। छत्तीसगढ़ का किसान खाद और मशीनरी के लिए तरस रहा है, महंगाई से बस्तर से सरगुजा तक आम जनता परेशान है, और दिल्ली में बैठी सरकार महंगे आयात और कर-संग्रहण का जश्न मना रही है। यदि अर्थव्यवस्था मजबूत है तो घरेलू व्यापार आयात के मुकाबले पीछे क्यों है? डॉलर के मुकाबले रुपया रसातल में क्यों है? यह मजबूती नहीं, महंगाई-जनित टैक्स वसूली है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जब आयात से जीएसटी 25.9 प्रतिशत बढ़ा और घरेलू कारोबार पीछे छूट गया, तो क्या भाजपा सरकार यह स्वीकार करती है कि देश में ‘मेक इन इंडिया’ फ्लॉप हो चुका है? डॉलर के मुकाबले रुपए की ऐतिहासिक गिरावट और महंगे आयात का सीधा बोझ छत्तीसगढ़ के किसानों और आम उपभोक्ताओं पर क्यों डाला जा रहा है? उर्वरक और कृषि उपकरणों के आयात महंगे होने से किसान की लागत दोगुनी हो गई है, क्या यही भाजपा का किसान हित है? क्या यह सच नहीं है कि 2.03 लाख करोड़ का रिकॉर्ड टैक्स कलेक्शन जनता की जेब खाली करके हासिल किया गया है, न कि आर्थिक खुशहाली से? साय सरकार जवाब दे कि इस भारी-भरकम कर-संग्रहण में से छत्तीसगढ़ के हिस्से का न्यायसंगत पैसा राज्य के विकास योजनाओं के बकाया भुगतान के लिए केंद्र से कब तक लेकर आएगी? हकीकत यह है कि भाजपा की सरकार आम जनता से निर्ममता पूर्वक टैक्स वसूली करने में अंग्रेजों से भी ज्यादा बेरहम है।

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