Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Sep, 2026 09:52 PM

गुना शहर के वार्ड क्रमांक 7 और 12 को जोड़ने वाली ईदगाह बाड़ी पुलिया लंबे समय से लोगों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग बनी हुई है।
गुना (मिसबाह नूर) गुना शहर के वार्ड क्रमांक 7 और 12 को जोड़ने वाली ईदगाह बाड़ी पुलिया लंबे समय से लोगों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग बनी हुई है। शनिवार को इस पुलिया के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमिपूजन कार्यक्रम उस समय टल गया, जब स्थानीय रहवासियों ने निर्माण की प्रक्रिया को लेकर विरोध जताना शुरू कर दिया। शुभ मुहूर्त में नगरपालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार और स्थानीय पार्षद महेश कुशवाह पुलिया के भूमिपूजन के लिए पहुंचे थे। लेकिन मौके पर मौजूद रहवासियों ने पाइप डालकर पुलिया बनाए जाने का विरोध किया और स्थायी पक्के ब्रिज के निर्माण की मांग रखी।
दरअसल, पनरिया नदी पर बनने वाली इस पुलिया के लिए नगरपालिका की पीआईसी ने करीब 38 लाख रुपये की लागत का टेंडर स्वीकृत किया था। प्रस्ताव के तहत पाइप डालकर पुलिया का निर्माण किया जाना था। रहवासियों का कहना है कि इससे पहले भी इसी तकनीक से पुलिया का निर्माण किया गया था, जो समय के साथ जर्जर हो गई। लोगों ने मांग की कि अस्थायी तौर पर पाइप डालकर पुलिया बनाने के बजाय अच्छी गुणवत्ता के साथ स्थायी आरसीसी पुलिया या ब्रिज का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में आवागमन की समस्या न हो।
मौके पर लोगों के विरोध को देखते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार ने भी रहवासियों की मांग का समर्थन किया। उन्होंने नगरपालिका अध्यक्ष से मामले में उचित कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद नगरपालिका अध्यक्ष ने रहवासियों को आश्वासन दिया कि उनकी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अब इस स्थान पर अस्थायी पाइप वाली पुलिया के बजाय पक्की आरसीसी पुलिया या ब्रिज शैली में निर्माण कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होने की बात सामने आई है।
वहीं, नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अरविंद ने बताया कि इस स्थान पर बड़े ब्रिज के निर्माण के लिए करीब 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति परिषद में पहले ही हो चुकी थी। हालांकि, प्रदेश सरकार से पर्याप्त फंड नहीं मिलने के कारण फिलहाल 38 लाख रुपये की लागत से पाइप वाली पुलिया का टेंडर स्वीकृत किया गया था।
अब रहवासियों के विरोध और उनकी मांग को देखते हुए 38 लाख रुपये के इस प्रस्तावित काम को रोक दिया गया है। प्रशासन और नगरपालिका की ओर से शासन स्तर से अतिरिक्त फंड की व्यवस्था कर इस स्थान पर आधुनिक और स्थायी ब्रिज बनाने की बात कही गई है। जनप्रतिनिधियों द्वारा लोगों की मांग पर निर्माण का स्वरूप बदलने के आश्वासन के बाद रहवासियों ने फैसले का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।