Edited By meena, Updated: 25 Sep, 2026 01:49 PM

छत्तीसगढ़ के बस्तर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने और निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका के बीच प्रशासन ने सतकर्ता...
रायपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने और निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका के बीच प्रशासन ने सतकर्ता बढ़ा दी है। खराब मौसम का असर रेल और हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन के कारण किरंदुल-विशाखापट्टनम मार्ग की दो ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि जगदलपुर-हैदराबाद रूट की फ्लाइट भी निरस्त कर दी गई है।
मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 17 जिलों के लिए ऑरेंज और 11 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलटर् वाले जिलों में मध्यम बारिश और बिजली गिरने की संभावना है, जबकि यलो अलर्ट वाले जिलों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक के आसार हैं। विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
बुधवार रात से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते इंद्रावती नदी के साथ ही आसपास के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और जिला शिक्षा अधिकारी ने 25 सितंबर को बस्तर जिले के सभी शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। इस दिन प्रस्तावित त्रैमासिक परीक्षा के संबंध में अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे। जिले में 24 सितंबर को भी स्कूल बंद रहे थे। लगातार बारिश का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है।
रायगढ़ मंडल के एमवीजी - सीटीएस स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन होने के कारण 25 सितंबर को किरंदुल-विशाखापट्टनम रेल मार्ग पर चलने वाली 58502/58501 किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर और 18516/18515 किरंदुल-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है। खराब मौसम के कारण जगदलपुर से हैदराबाद रूट पर संचालित होने वाली फ्लाइट भी रद्द की गई है। लगातार बारिश के चलते विमान के लैंड और टेकऑफ में दिक्कत की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इधर, कलेक्टर आकाश छिकारा ने एसडीएम, तहसीलदारों और होमगार्ड कमांडेंट को फील्ड में रहकर लगातार स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इंद्रावती नदी के तटीय और निचले क्षेत्रों में मुनादी कर लोगों को संभावित खतरे के प्रति सतर्क किया जा रहा है। प्रशासन ने ऐसे रपटों और पुल-पुलियों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है, जिनके जलमग्न होने की आशंका है। इन स्थानों के दोनों ओर बैरिकेडिंग करने के साथ कोटवार और निगरानी दल तैनात किए गए हैं। लोगों से उफनती नदी, नालों और रपटों को पार नहीं करने तथा आपात स्थिति में बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष से संपकर् करने की अपील की गई है।