Edited By Himansh sharma, Updated: 30 Sep, 2026 02:22 PM
मध्यप्रदेश भाजपा में नई संगठनात्मक टीम के सामने शुरुआत से ही कई अहम चुनौतियां हैं।
भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा में नई संगठनात्मक टीम के सामने शुरुआत से ही कई अहम चुनौतियां हैं। प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने वाले बिप्लब कुमार देब, सह प्रभारी रेखा वर्मा और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर के सामने सबसे महत्वपूर्ण काम सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल कायम करने के साथ-साथ पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को कम करना माना जा रहा है। नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद तीनों नेताओं के भोपाल पहुंचने के साथ ही भाजपा में बैठकों का सिलसिला तेज होने जा रहा है।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में 30 सितंबर को कोर ग्रुप की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों के साथ भी बैठक होगी। इन बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता और संगठन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। नए प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी के लिए यह बैठकों का दौर मध्यप्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कामकाज को समझने और वरिष्ठ नेताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।
संगठन और सत्ता के बीच तालमेल पर रहेगा फोकस
मध्यप्रदेश में भाजपा के पास सरकार और संगठन दोनों स्तर पर मजबूत ढांचा है, लेकिन वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद की चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में नई संगठनात्मक टीम के सामने केवल आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करना ही चुनौती नहीं होगी, बल्कि अलग-अलग स्तर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी अहम होगा।
राजनीतिक संगठन में शीर्ष स्तर पर मतभेद का असर नीचे तक पहुंचने की संभावना रहती है। वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग खेमों में नजर आने की स्थिति में स्थानीय स्तर के कार्यकर्ता भी अपनी-अपनी पसंद के नेताओं के साथ जुड़ सकते हैं। इससे संगठनात्मक एकजुटता प्रभावित होने का खतरा रहता है। भाजपा की नई टीम के सामने इसी तरह की परिस्थितियों को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी रहेगी।
सेवा संकल्प अभियान पर भी होगी चर्चा
कोर ग्रुप की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के तहत चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान से जुड़े कार्यक्रमों पर भी चर्चा होने की संभावना है। पार्टी संगठन की ओर से इस अभियान के जरिए सेवा गतिविधियों के साथ कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने ओडिशा से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ संवाद किया। इस दौरान भाजपा की संगठनात्मक कार्यप्रणाली और मध्यप्रदेश सरकार के विकास कार्यों को लेकर चर्चा हुई। आने वाले दिनों में पार्टी के कार्यक्रमों और सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में सोशल मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है।
गुफा मंदिर से शुरू होगा प्रभारी का दौरा
नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब अपने भोपाल दौरे की शुरुआत धार्मिक स्थल के दर्शन से करेंगे। वह लालघाटी स्थित गुफा मंदिर पहुंचकर दर्शन करेंगे। इसके बाद पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से उनके आवास पर मुलाकात का कार्यक्रम है। भाजपा कार्यालय पहुंचने के बाद वे पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संवाद करेंगे तथा इसके बाद कोर ग्रुप की बैठक में शामिल होंगे।
वहीं, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी संभालने से पहले उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए थे। संगठन में उनकी भूमिका प्रदेशभर में पार्टी के कामकाज और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय से जुड़ी रहेगी।
गुटबाजी की चर्चा के बीच एकजुटता पर नजर
मध्यप्रदेश भाजपा में आने वाले समय में नई टीम की कार्यशैली पर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों की नजर रहेगी। वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेदों को बातचीत और संगठनात्मक समन्वय के जरिए कम करना नई टीम की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है। खासतौर पर सरकार और संगठन के बीच संवाद मजबूत रखना इसलिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इसका सीधा असर जिलों से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियों पर पड़ता है। अब 30 सितंबर से शुरू होने वाली बैठकों के जरिए यह स्पष्ट होगा कि नई टीम प्रदेश भाजपा के सामने मौजूद संगठनात्मक चुनौतियों को किस तरह देखती है और नेताओं से संवाद के जरिए किस दिशा में आगे बढ़ती है। फिलहाल, नई जिम्मेदारियों के साथ मध्यप्रदेश भाजपा में संगठन को अधिक समन्वित और सक्रिय रखने की कवायद शुरू हो गई है।