Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Sep, 2026 02:41 PM
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का समय नजदीक आते ही मौसम ने एक बार फिर करवट ली है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का समय नजदीक आते ही मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश में बारिश का एक और दौर सक्रिय होने के संकेत हैं। बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान में 24 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 25 और 26 सितंबर को पूर्वी हिस्से में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
गुरुवार को प्रदेश के करीब 10 जिलों में भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। इनमें छतरपुर, पन्ना, सतना, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा शामिल हैं। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां भी हो सकती हैं।
25-26 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ सिस्टम मध्य भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके कारण 25 और 26 सितंबर को मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। IMD के उपखंडवार पूर्वानुमान में इन दोनों दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की गई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी दोनों दिन भारी बारिश का अनुमान है।
बारिश का असर केवल पूर्वी जिलों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, मंदसौर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में भी मौसम सक्रिय रह सकता है।
मानसून की विदाई का समय करीब
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। ऐसे में सितंबर का आखिरी सप्ताह मानसून के अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके बावजूद प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। IMD के ताजा पूर्वानुमान में 27 सितंबर को भी पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने के संकेत हैं।
कई जिलों में पहले भी हुई तेज बारिश
इससे पहले बुधवार को भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। भोपाल में रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि नर्मदापुरम जिले के इटारसी में कुछ समय के लिए तेज बारिश हुई। खरगोन में तेज बारिश के कारण अनाज मंडी में रखा मक्का भीगने की खबर सामने आई। खंडवा, टीकमगढ़ समेत अन्य जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिला।
मौसम विभाग के लगातार बदलते पूर्वानुमान के बीच अगले दो दिन मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। खासकर पूर्वी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय स्तर पर प्रशासन और लोगों को मौसम की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत होगी।