Edited By Himansh sharma, Updated: 16 Oct, 2026 07:34 PM

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने पार्टी की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
छिंदवाड़ा (साहुल सिंह) मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने पार्टी की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन करने के बाद भाजपा संगठन ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बाद संगठन के साथ बढ़ते विवाद के बीच सक्सेना ने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। उनके इस्तीफे के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
दरअसल, दो दिन पहले अमित सक्सेना ने किसानों की समस्याओं को लेकर छिंदवाड़ा के बस स्टैंड पर एक विशाल आमसभा की थी। इस दौरान उन्होंने किसानों की मांगों को प्रमुखता से उठाया। आमसभा के बाद वे कलेक्ट्रेट पहुंचे और राज्य शासन के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के जरिए छिंदवाड़ा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने, चौसरा में प्रस्तावित न्यूक्लियर प्लांट का काम रोकने, किसानों को चार गुना मुआवजा देने और कुएं व ट्यूबवेल के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने जैसी मांगें रखी गई थीं।
किसानों के मुद्दों को लेकर किए गए इस आंदोलन के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने अमित सक्सेना को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बाद सक्सेना ने भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा सौंप दिया।
आंदोलन के दौरान अमित सक्सेना ने स्पष्ट कहा था कि वे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और किसानों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि किसानों के हितों के लिए उन्हें पार्टी से निष्कासन का सामना भी करना पड़े, तो वे पीछे नहीं हटेंगे।
गौरतलब है कि अमित सक्सेना जिला पंचायत सदस्य का चुनाव करीब 22 हजार मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीतकर सुर्खियों में आए थे। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था।
अब किसानों के मुद्दे पर आंदोलन, संगठन की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस और उसके बाद इस्तीफे के घटनाक्रम ने छिंदवाड़ा में राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। हालांकि, उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।