MP के किसानों के लिए बड़ी खबर: भावांतर के तहत इस फसल के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, तैयार करवा लीजिए ये दस्तावेज

Edited By meena, Updated: 30 Sep, 2026 09:24 PM

registration for this crop under bhavantar has started in mp

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक अहम खबर आई है। खरीफ वर्ष 2026 के लिए भारत सरकार की 'प्राइस डेफिसिट पेमेंट स्कीम' (भावांतर योजना) के तहत...

भोपाल: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक अहम खबर आई है। खरीफ वर्ष 2026 के लिए भारत सरकार की 'प्राइस डेफिसिट पेमेंट स्कीम' (भावांतर योजना) के तहत सोयाबीन फसल के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक e-उपार्जन पोर्टल पर किया जाएगा। किसान तय प्रक्रिया का पालन करते हुए आधिकारिक वेबसाइट www.mpeuparjan.nic.in पर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। सभी जिलों में तय रजिस्ट्रेशन सेंटरों पर ज़रूरी इंतज़ाम किए गए हैं। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में बने फैसिलिटेशन सेंटरों के साथ-साथ सहकारी समितियों और सहकारी मार्केटिंग संगठनों द्वारा चलाए जा रहे सेंटरों पर मुफ़्त रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है।

MP ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क, पब्लिक सर्विस सेंटर और प्राइवेट साइबर कैफ़े पर पैसे देकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है, जहां प्रति रजिस्ट्रेशन ज़्यादा से ज़्यादा 50 रुपये की फ़ीस ली जाएगी। रजिस्ट्रेशन के लिए ज़मीन के कागज़ात, किसान का आधार कार्ड और दूसरे फ़ोटो पहचान-पत्रों का सही वेरिफिकेशन ज़रूरी है और रिकॉर्ड रखना होगा। सिकमी, बटाईदार, कोटवार, किसान और वन पट्टाधारी कैटेगरी के लिए रजिस्ट्रेशन सिर्फ़ सहकारी समितियों और सहकारी मार्केटिंग संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे सेंटरों पर ही होगा।

ऐसे सभी किसानों का रेवेन्यू डिपार्टमेंट द्वारा 100 प्रतिशत वेरिफिकेशन किया जाएगा। किसानों द्वारा बेची गई उपज का पेमेंट प्राथमिकता के आधार पर उनके आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट में जमा किया जाएगा। अगर कोई दिक्कत आती है, तो रजिस्ट्रेशन के समय दिए गए बैंक अकाउंट में पेमेंट किया जा सकता है।किसानों को रजिस्ट्रेशन के समय अपना बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड देना होगा। इनएक्टिव अकाउंट, जॉइंट अकाउंट और फ़िनो (Fino), एयरटेल (Airtel) या पेटीएम (Paytm) बैंक अकाउंट स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सुचारू सेवा सुनिश्चित करने के लिए, किसानों को अपना बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर आधार से लिंक करना चाहिए और जानकारी अपडेट रखनी चाहिए।

सभी ज़िला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ज़िला और तहसील स्तर पर आधार रजिस्ट्रेशन सेंटर चालू रखें ताकि किसान आसानी से मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक्स अपडेट कर सकें। पोस्ट ऑफ़िस में बने आधार फैसिलिटेशन सेंटरों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। बैंक खातों को आधार से जोड़ने के लिए बैंकों के साथ तालमेल बिठाना ज़रूरी होगा।

रजिस्ट्रेशन के दौरान, मध्य प्रदेश स्टेट सप्लाई कॉर्पोरेशन आधार से जुड़े बैंक खाते की पुष्टि करने के लिए e-Uparjan/JIT पोर्टल के ज़रिए ₹1 का ट्रांज़ैक्शन करेगा। रजिस्ट्रेशन और फ़सल की बिक्री, दोनों के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन ज़रूरी है। आप यह काम आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर मिले OTP या बायोमेट्रिक डिवाइस के ज़रिए कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन तभी स्वीकार किया जाएगा जब किसान के ज़मीन के रिकॉर्ड और खसरा में लिखा नाम, आधार कार्ड पर लिखे नाम से मेल खाएगा।

अगर कोई अंतर होता है, तो तहसील कार्यालय इसकी पुष्टि करेगा, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन मान्य हो जाएगा। जिन किसानों के मोबाइल नंबर पिछले खरीफ़ सीज़न के रजिस्ट्रेशन में मौजूद थे, उन्हें SMS अलर्ट मिलेंगे।

रजिस्ट्रेशन की जानकारी ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर भी दिखाई जाएगी, गांवों में ढोल बजाकर इसकी घोषणा की जाएगी, और कमिटी व बाज़ार के स्तर पर बैनर के ज़रिए इसका प्रचार किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे किसान रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया तय समय-सीमा के भीतर पूरी करें।

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