MP कैबिनेट का बड़ा फैसला! अतिथि शिक्षकों के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रुपये मंजूर, अग्निवीरों को 20% आरक्षण, जानें अन्य बड़े निर्णय

Edited By Vandana Khosla, Updated: 29 Sep, 2026 05:30 PM

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भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर...

भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की है।

बैठक में युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इनमें अग्निवीरों को वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला प्रमुख है।

अग्निवीरों को पुलिस समेत इन भर्तियों में मिलेगा 20% आरक्षण
मंत्रि-परिषद ने पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला किया है। सरकार के निर्णय के अनुसार आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) भर्ती में होमगार्ड को 10%, भूतपूर्व सैनिक को 5% और अग्निवीरों को 20% आरक्षण मिलेगा।

इसी तरह विशेष सशस्त्र बल में भी अग्निवीरों को 20% आरक्षण दिया जाएगा। जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर भी अग्निवीरों के लिए 20% क्षैतिज आरक्षण तय किया गया है।

76 हजार से ज्यादा अतिथि शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला
मंत्रि-परिषद ने अतिथि शिक्षकों के मानदेय से जुड़ी योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी है। वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक योजना के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। मध्य प्रदेश के सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में वर्तमान में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं।

कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को गणवेश के लिए 348 करोड़
सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को गणवेश के लिए राशि देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। सत्र 2026-27 में छात्र-छात्राओं और पालकों के खातों में DBT के माध्यम से गणवेश की राशि भेजी जाएगी। इसके लिए सरकार ने 348 करोड़ 7 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।

सिंगरौली में 605 बेड का जिला अस्पताल बनेगा
सिंगरौली जिला अस्पताल को 450 से बढ़ाकर 605 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाने के लिए 372 करोड़ 12 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस राशि से अस्पताल भवन के विस्तार के साथ आंतरिक और बाहरी विकास कार्य, बायोमेडिकल उपकरण और अस्पताल फर्नीचर से जुड़े काम किए जाएंगे।

दमोह-कटनी 4 लेन सड़क के लिए 4,470 करोड़
मंत्रि-परिषद ने दमोह-कटनी 4 लेन मार्ग के निर्माण को भी मंजूरी दी है। करीब 105.10 किलोमीटर लंबे मार्ग को पेव्ड शोल्डर के साथ 4 लेन बनाया जाएगा। हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत बनने वाली इस सड़क परियोजना के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 3,245 करोड़ रुपये
प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों, ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम और औषधि नियंत्रण को मजबूत करने के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण के लिए 3,113 करोड़ 27 लाख रुपये शामिल हैं। ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम के लिए 20 करोड़ 90 लाख और औषधि नियंत्रण के लिए 111 करोड़ 63 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

छिंदवाड़ा मेडिकल साइंसेज अस्पताल के लिए 953 करोड़
छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल और अन्य भवनों के निर्माण के लिए 953 करोड़ 69 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। पहले इस परियोजना के लिए 768 करोड़ 22 लाख रुपये की मंजूरी थी। GST दर में बदलाव, डेडिकेटेड बिजली फीडर और अन्य लागत बढ़ने के कारण संशोधित राशि को मंजूरी दी गई है।

सिंचाई परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने कई बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखने के लिए भी राशि स्वीकृत की है।

दतिया की मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना: 1,608.02 करोड़ रुपये

नीमच की रामपुरा-मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना: 524 करोड़ 65 लाख रुपये

सागर की बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना: 1,052 करोड़ रुपये

उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोस डक्ट परियोजना: 358 करोड़ 22 लाख रुपये

उज्जैन की कान्ह डायवर्सन परियोजना सिंहस्थ 2028 को देखते हुए महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को शिप्रा नदी में जाने से रोकना है।

ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580 करोड़
भूमि के अंतरण पर मिलने वाले उपकर को ग्रामीण विकास निधि में ट्रांसफर करने की योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए 3,580.22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि का इस्तेमाल ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने कई अहम फैसले लिए है। 

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