Edited By Himansh sharma, Updated: 04 Oct, 2026 11:21 AM
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मध्य प्रदेश दौरे के दौरान शनिवार को अचानक बदले कार्यक्रमों ने प्रदेश की सियासत में चर्चाओं का नया दौर शुरू कर दिया।
भोपाल। (इजहार खान): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मध्य प्रदेश दौरे के दौरान शनिवार को अचानक बदले कार्यक्रमों ने प्रदेश की सियासत में चर्चाओं का नया दौर शुरू कर दिया। भोपाल में पहले से निर्धारित कई अहम कार्यक्रमों में एक के बाद एक बदलाव हुआ। प्रस्तावित बैठक टल गई, नारकोटिक्स को लेकर होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द हो गई और कुछ कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गृह मंत्री की जगह शिरकत की। इसके बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर होने लगी कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसके चलते अमित शाह का पूरा कार्यक्रम बदलना पड़ा?
अमित शाह का भोपाल दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। दौरे के दौरान नए आपराधिक कानूनों से जुड़ी प्रदर्शनी और गोपालक सम्मेलन जैसे कार्यक्रम निर्धारित थे। इसके अलावा होटल ताज में केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार के बीच लंबित विषयों को लेकर अहम बैठक प्रस्तावित थी। नारकोटिक्स के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और शाम को IISER के कार्यक्रम में भी उनकी मौजूदगी तय थी। हालांकि, गोपालक सम्मेलन के बाद अचानक नया मोड़ सामने आया..
होटल ताज पहुंचे शाह, फिर बदलता चला गया पूरा कार्यक्रम
दोपहर करीब 2 बजे अमित शाह होटल ताज पहुंचे। इसके बाद वह काफी समय तक होटल में ही रहे। इसी दौरान उनके पहले से तय कार्यक्रमों में बदलाव की खबरें सामने आने लगीं। होटल में प्रस्तावित केंद्र और राज्य सरकार के बीच बैठक नहीं हो सकी। वहीं, नारकोटिक्स को लेकर प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रद्द कर दी गई।
इतना ही नहीं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। शाम को IISER के कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री की मौजूदगी रही। एक के बाद एक हुए इन बदलावों ने राजनीतिक गलियारों में सवाल खड़े कर दिए कि क्या यह महज कार्यक्रमों का सामान्य फेरबदल था या इसके पीछे कोई बड़ी वजह थी?
दिल्ली से आए संदेश की चर्चा, वर्चुअल बैठक के भी कयास
कार्यक्रमों में अचानक हुए बदलाव के बीच एक चर्चा यह भी सामने आई कि दिल्ली से मिले किसी जरूरी संदेश के बाद अमित शाह को अपने तय कार्यक्रमों में फेरबदल करना पड़ा। कुछ रिपोर्टों में उनके वर्चुअल बैठक में शामिल होने की बात भी कही गई, हालांकि इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई।
इसी बीच राजनीतिक गलियारों में प्रदेश के नेतृत्व को लेकर भी तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे। कुछ चर्चाएं राज्यसभा की संभावित सीटों और पार्टी के भीतर संगठनात्मक स्तर पर चल रही बातचीत को लेकर भी रहीं। हालांकि, इन सभी चर्चाओं और अटकलों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या मध्य प्रदेश की राजनीति में किसी बड़े फैसले की तैयारी?
अमित शाह के दौरे के दौरान कार्यक्रमों में हुए बदलाव को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता इसलिए भी है, क्योंकि उनका यह दौरा केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय के लिहाज से अहम माना जा रहा था। ऐसे में प्रस्तावित बैठक का नहीं होना और मुख्यमंत्री का कुछ कार्यक्रमों में उनकी जगह शामिल होना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि, केवल कार्यक्रमों में बदलाव के आधार पर किसी राजनीतिक फैसले या नेतृत्व में फेरबदल के निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। इसके पीछे प्रशासनिक, सरकारी या पार्टी संगठन से जुड़ी कोई वजह भी हो सकती है।
फिलहाल आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अमित शाह के कार्यक्रमों में बदलाव किस कारण हुआ। गृह मंत्री अपने भोपाल प्रवास के बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गए, लेकिन उनके दौरे के अंतिम चरण में हुए घटनाक्रम ने कई सवाल छोड़ दिए हैं। अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर इस बात पर है कि दिल्ली पहुंचने के बाद अमित शाह की गतिविधियां क्या रहती हैं और क्या आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश को लेकर कोई महत्वपूर्ण निर्णय या नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है। फिलहाल भोपाल में बदले कार्यक्रमों के पीछे की असल वजह सामने आने का इंतजार है।