Edited By Himansh sharma, Updated: 07 Oct, 2026 01:06 PM

जिले के बड़ामलहरा स्थित शासकीय संदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रविवार को किए गए निरीक्षण और उसके बाद जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
छतरपुर। (राजेश चौरसिया): जिले के बड़ामलहरा स्थित शासकीय संदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रविवार को किए गए निरीक्षण और उसके बाद जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी सूचना-पत्र में 4 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे भोपाल से आए दल और विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालय का निरीक्षण किए जाने का उल्लेख है। निरीक्षण के आधार पर प्रभारी प्राचार्य सहित विद्यालय के शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं। मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि 4 अक्टूबर को रविवार था, जबकि सामान्य परिस्थितियों में रविवार को विद्यालय में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं होतीं। ऐसे में अवकाश के दिन विद्यालय का निरीक्षण किस आदेश या विशेष निर्देश के तहत किया गया, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग उठ रही है।
गेट बंद और सुरक्षा गार्ड की अनुपस्थिति बनी कार्रवाई का आधार
जानकारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान विद्यालय का मुख्य गेट बंद मिला और सुरक्षा गार्ड भी मौके पर मौजूद नहीं था। इसी आधार पर विद्यालय प्रबंधन एवं कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है। लेकिन अब संबंधित कर्मचारियों की ओर से यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब निरीक्षण का दिन साप्ताहिक अवकाश था, तब विद्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर क्या कोई विशेष आदेश जारी किया गया था? यदि रविवार को विद्यालय खोलने अथवा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के संबंध में कोई लिखित आदेश था, तो उसकी जानकारी संबंधित कर्मचारियों को कब और किस माध्यम से दी गई, यह भी जांच का विषय माना जा रहा है।
एक ही स्कूल के 68 शिक्षकों को नोटिस
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा एक ही विद्यालय के करीब 68 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जाने को लेकर है। बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने के बाद विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। संबंधित कर्मचारियों की ओर से यह स्पष्ट किए जाने की मांग की जा रही है कि क्या रविवार के दिन विद्यालय में उपस्थिति अनिवार्य की गई थी और यदि की गई थी तो उसका लिखित आदेश कहां है।
निरीक्षण आदेश सार्वजनिक करने की मांग
मामले को लेकर अब शिक्षा विभाग से रविवार को किए गए निरीक्षण से संबंधित आदेश, विशेष ड्यूटी के निर्देश और कर्मचारियों की उपस्थिति से जुड़े दस्तावेज स्पष्ट करने की मांग की जा रही है।साथ ही यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि यदि विद्यालय में रविवार को नियमित कक्षाएं नहीं लगनी थीं, तो केवल गेट बंद मिलने और सुरक्षा गार्ड के अनुपस्थित पाए जाने के आधार पर इतने बड़े स्तर पर कर्मचारियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया किन नियमों के तहत अपनाई गई।
निष्पक्ष जांच से सामने आ सकती है पूरी तस्वीर
फिलहाल पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में यह जरूरी माना जा रहा है कि निरीक्षण के आदेश, रविवार को ड्यूटी से संबंधित निर्देश और नोटिस जारी करने के आधार को सार्वजनिक किया जाए।
यदि अवकाश के दिन कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई थी तो उसका आदेश और कर्मचारियों को दी गई सूचना सामने आने से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। वहीं, यदि ऐसी कोई पूर्व सूचना या ड्यूटी आदेश नहीं था, तो नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों की भी जांच आवश्यक होगी। मामले में सक्षम उच्चाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराकर निरीक्षण और 68 नोटिस जारी किए जाने की पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की जा रही है।