Edited By Himansh sharma, Updated: 27 Sep, 2026 02:34 PM

मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के बीच अब प्रदेश के कुछ नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी मिलने की चर्चा तेज हो गई है।
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के बीच अब प्रदेश के कुछ नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी मिलने की चर्चा तेज हो गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में प्रदेश से नए चेहरों को जगह देने की कवायद के तहत संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के इच्छुक नेताओं की जानकारी जुटाई जा रही है। इसी क्रम में कुछ नेताओं के साक्षात्कार भी होने की बात सामने आई है।सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मंत्री सचिन यादव, पूर्व विधायक प्रवीण पाठक और हरपाल सिंह ठाकुर समेत कई नेताओं के नाम राष्ट्रीय संगठन में संभावित जिम्मेदारी के लिए चर्चा में हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से लिया जाएगा।
मध्य प्रदेश कांग्रेस में पिछले कुछ समय से नई पीढ़ी को आगे लाने पर जोर दिखाई दे रहा है। प्रदेश संगठन की कमान जीतू पटवारी को सौंपे जाने और विधानसभा में उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी ने युवा नेतृत्व को प्रमुख भूमिकाओं में आगे बढ़ाया है। इसी क्रम में आदिवासी कांग्रेस की राष्ट्रीय जिम्मेदारी डॉ. विक्रांत भूरिया को दी गई है।
MP के कई नेता पहले से राष्ट्रीय संगठन में सक्रिय
मध्य प्रदेश के कई कांग्रेस नेता पहले से ही पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। पूर्व विधायक कुणाल चौधरी, हिना कांवरे, भूपेंद्र मरावी और सत्यनारायण पटेल राष्ट्रीय सचिव की भूमिका में हैं। कुणाल चौधरी को उत्तर प्रदेश और हिना कांवरे को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं अभय दुबे पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ओबीसी विकास परिषद से जुड़े हैं। इसके अलावा कमलेश्वर पटेल केंद्रीय कार्यसमिति और ओंकार सिंह मरकाम चुनाव समिति में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
संगठन सृजन अभियान में भी MP नेताओं की सक्रियता
कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत मध्य प्रदेश के कुछ नेताओं को दूसरे राज्यों में संगठनात्मक काम की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अरुण यादव और सचिन यादव को अलग-अलग राज्यों में संगठन से जुड़े कार्यों के लिए भेजा जा रहा है।
इसी बीच राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारियों के लिए मध्य प्रदेश से संभावित नामों को लेकर भी चर्चा बढ़ी है। पार्टी में संगठनात्मक अनुभव, सक्रियता और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए नेताओं की भूमिका तय किए जाने की संभावना है। फिलहाल AICC में मध्य प्रदेश से किन नेताओं को नई जिम्मेदारी मिलेगी, इसे लेकर अंतिम तस्वीर साफ नहीं है। केंद्रीय नेतृत्व के फैसले के बाद ही यह तय होगा कि प्रदेश के किन चेहरों को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका मिलती है।