Edited By Himansh sharma, Updated: 27 Sep, 2026 10:38 AM

मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई का समय करीब आने के बावजूद बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई का समय करीब आने के बावजूद बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग के कई इलाकों में लगातार बारिश होने से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई जगह निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की परेशानी भी बढ़ी है।
बारिश का असर प्रदेश के जलाशयों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। लगातार पानी की आवक के चलते कुछ प्रमुख बांधों में जलस्तर बढ़ने के बाद अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई है। जबलपुर के बरगी बांध और उमरिया के जोहिला बांध समेत अन्य जलाशयों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन की ओर से नदी और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पूर्वी MP में बारिश का ज्यादा असर
पिछले 72 घंटे के दौरान जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग के कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई है। लगातार पानी गिरने से ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं। प्रशासन और स्थानीय अमला जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील की गई है कि तेज बहाव वाले रास्तों और नदी-नालों को पार करने की कोशिश न करें।
7 जिलों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए प्रदेश के सात जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में मौसम को देखते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग के कई हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
सामान्य से ज्यादा बारिश का आंकड़ा
इस मानसून सीजन में मध्यप्रदेश में अब तक औसत करीब 35.6 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य बारिश के मुकाबले 95 प्रतिशत से अधिक बताई जा रही है। यानी प्रदेश में इस बार मानसून ने अब तक सामान्य से काफी ज्यादा पानी बरसाया है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, वर्तमान मौसम प्रणाली का प्रभाव अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में देखने को मिल सकता है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। ऐसे में नदी-नालों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।