Edited By Himansh sharma, Updated: 01 Oct, 2026 12:04 PM

मध्य प्रदेश बीजेपी के संगठन में नए चेहरों की जिम्मेदारी तय होने के बाद बुधवार को राजधानी भोपाल में पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक हुई।
भोपाल। मध्य प्रदेश बीजेपी के संगठन में नए चेहरों की जिम्मेदारी तय होने के बाद बुधवार को राजधानी भोपाल में पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक हुई। नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब देब, संगठन मंत्री चंद्रशेखर और सह प्रभारी रेखा वर्मा की मौजूदगी में हुई बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत संगठन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। हालांकि बैठक में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में चर्चा जरूर बढ़ा दी।
नरोत्तम मिश्रा का नाम बीजेपी के कोर ग्रुप के सदस्यों में शामिल है। इसके बावजूद बुधवार को हुई बैठक में उनकी मौजूदगी नहीं रही। बैठक के बाद जब उनकी अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठा तो नरोत्तम मिश्रा ने एक अखबार से बातचीत में कहा कि उन्हें बैठक के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली थी। उनके इस बयान के बाद संगठन के भीतर सूचना और समन्वय को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सिंधिया भी बैठक में नहीं पहुंचे
कोर ग्रुप की बैठक से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी दूर रहे। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सिंधिया को छोड़कर कोर ग्रुप के अन्य सदस्य बैठक में मौजूद रहे। ऐसे में एक ही बैठक में पार्टी के दो प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू होना स्वाभाविक माना जा रहा है।
हालांकि नरोत्तम मिश्रा की गैरमौजूदगी को लेकर सबसे अहम बात उनका खुद यह कहना है कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं मिली थी। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति के पीछे फिलहाल किसी आधिकारिक निर्णय या संगठनात्मक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
दतिया के बाद बदला राजनीतिक परिदृश्य
नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रमुख और प्रभावशाली नेताओं में रहे हैं। गृह मंत्री रहते हुए उन्होंने सरकार और संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दतिया उपचुनाव के बाद उनके राजनीतिक प्रभाव और पार्टी में सक्रिय भूमिका को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं।
हालांकि नरोत्तम मिश्रा दतिया में अब भी सक्रिय दिखाई देते हैं और स्थानीय स्तर पर लगातार लोगों से संपर्क बनाए हुए हैं। पार्टी की गतिविधियों में उनकी मौजूदगी पहले की तुलना में कम नजर आने की चर्चा जरूर रही है, लेकिन इसे लेकर बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति से भी मिला संगठनात्मक बदलाव का संकेत
दतिया में बीजेपी संगठन की हालिया गतिविधियों को भी इसी बदलाव के संदर्भ में देखा जा रहा है। पार्टी ने नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति की है। इसके बाद स्थानीय संगठन में नेतृत्व और जिम्मेदारियों को लेकर नई व्यवस्था सामने आई है।
बुधवार की कोर ग्रुप बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि नए केंद्रीय प्रभारियों ने प्रदेश में अपनी जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली बार शीर्ष नेताओं के साथ संगठनात्मक स्तर पर संवाद किया। बैठक में सरकार, संगठन और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा हुई। नरोत्तम मिश्रा की अनुपस्थिति का वास्तविक कारण फिलहाल उनके अपने बयान तक ही सीमित है। ऐसे में इसे लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में पार्टी की बैठकों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी भूमिका किस तरह दिखाई देती है।