Edited By Himansh sharma, Updated: 01 Oct, 2026 06:43 PM

अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने आधुनिक परवरिश और बदलती पारिवारिक संस्कृति पर तीखा कटाक्ष किया।
गुना (मिसबाह नूर): अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने आधुनिक परवरिश और बदलती पारिवारिक संस्कृति पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि हम बचपन से बच्चों के एकेडमिक नंबरों की चिंता सिर्फ इसलिए करते हैं, ताकि उन्हें विदेश भेजा जा सके और बड़े पैकेज मिल सकें।
विधायक शाक्य ने चिंता जताते हुए कहा, "हमने अपनी औलादों को पैकेज में ठूंस दिया है, ऐसी औलाद बनाएंगे तो श्रवण कुमार कहां से आएगा। उन्होंने आगे कहा कि माता-पिता को वृद्धाश्रम जाने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि हमने ऐसी औलादें तैयार की हैं।
उन्होंने कहा कि यदि हमने घरों में श्रवण कुमार की चर्चा करना छोड़ दिया है और स्थानीय स्कूलों में पढ़ाकर बच्चों को अपने लोगों से प्रेम करना नहीं सिखाया, तो समाज से सुशासन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।
विधायक शाक्य ने अपने निजी संस्मरण का जिक्र करते हुए बताया कि एक मित्र ने उनके बच्चे को इंदौर के आवासीय विद्यालय में भेजने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि आज बच्चों को मीरा, सूरदास के पद, तुलसीदास की चौपाइयों या कबीर और रसखान के बारे में नहीं बताया जाता, बल्कि उनके हाथों में मोबाइल थमा दिया जाता है, जिससे वे उसी में उलझे रहते हैं।