Edited By Himansh sharma, Updated: 31 Oct, 2026 11:59 AM

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन से प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर है।
दुर्ग। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन से प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर है। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले कोर्सेवाड़ा ने 78 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और फेफड़ों से जुड़ी बीमारी के चलते हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। शनिवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ले जाया जाएगा। उनके निधन के बीच एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे अपनी बीमारी के दौरान कुछ लोगों के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते सुनाई दे रहे हैं। विधायक ने कहा था कि कुछ लोग उनके स्वस्थ होने की कामना करने के बजाय उनके लिए बद्दुआ मांग रहे हैं। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया था।
आखिरी वीडियो में कही थी ये बात
वीडियो में डोमनलाल कोर्सेवाड़ा अपनी विधानसभा की जनता और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताते दिखाई देते हैं। उन्होंने भरोसा जताया था कि लोगों की दुआओं और ईश्वर की कृपा से वे जल्द स्वस्थ होकर अपने क्षेत्र में लौटेंगे।
उन्होंने कहा था कि अहिवारा की जनता का उन्हें भरपूर समर्थन और आशीर्वाद मिला है। कुछ लोग उनके बारे में नकारात्मक बातें कर रहे हैं, लेकिन उन्हें विश्वास है कि जनता की शुभकामनाओं से वे फिर सक्रिय होंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि वे जानते हैं कि कौन उनके लिए गलत कामना कर रहा है, लेकिन ऐसे लोगों के नाम उजागर नहीं करना चाहते।
विधायक को उम्मीद थी कि वे पांच से छह दिनों में अपने विधानसभा क्षेत्र में वापस आ जाएंगे। उनका यह बयान अब उनके निधन के बाद चर्चा में है। जिस वापसी की उम्मीद उन्होंने अपने समर्थकों के सामने जताई थी, वह पूरी नहीं हो सकी।

रायपुर से पैतृक गांव तक निकलेगी अंतिम यात्रा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, विधायक का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह 11 बजे रायपुर पहुंचने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद रायपुर से भिलाई और दुर्ग होते हुए उनके पैतृक गांव भेण्ड्रा तक अंतिम यात्रा निकाली जानी है, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उनके निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित प्रदेश के कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी दुख का माहौल है। लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे कोर्सेवाड़ा को उनके राजनीतिक सफर और क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए याद किया जा रहा है।
व्याख्याता की नौकरी से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का जीवन शिक्षा और राजनीति, दोनों क्षेत्रों से जुड़ा रहा। राजनीति में आने से पहले उन्होंने शिक्षा जगत में सेवाएं दीं। वर्ष 1998 में व्याख्याता पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ाया। इसके बाद वर्ष 1999 में उन्होंने दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के तत्कालीन सांसद के निजी सहायक के रूप में भी काम किया। धीरे-धीरे उन्होंने संगठन और क्षेत्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई।
2008 में पहली बार बने विधायक
कोर्सेवाड़ा को वर्ष 2008 में भाजपा ने अहिवारा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा था। इस चुनाव में जीत दर्ज कर वे पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद वर्ष 2018 में पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया, हालांकि उस चुनाव में भाजपा को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के गुरु रुद्र कुमार ने जीत हासिल की थी। डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन के साथ छत्तीसगढ़ भाजपा ने अपना एक वरिष्ठ नेता खो दिया है। उनका आखिरी वीडियो अब समर्थकों के बीच भावुक चर्चा का विषय बना हुआ है।