Edited By meena, Updated: 26 Oct, 2026 09:21 PM

इसे लेकर मंत्रालय महानदी भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं...
डेस्क : बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का प्रभाव छत्तीसगढ़ राज्य में पड़ने की संभावनाओं के मद्देनजर शासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसे लेकर मंत्रालय महानदी भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसी बीच अब दंतेवाड़ा जिले में मंगलवार को स्कूलों में घोषित की गई है। कलेक्टर के निर्देश पर इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी कर दिया है।

जारी आदेश के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान और अति बारिश के चलते छात्र-छात्राओं को स्कूल पहुंचने में होने वाली संभावित परेशानी को देखते हुए 27 अक्टूबर यानी मंगलवार को जिले में अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान जिले के प्राथमिक, माध्यमिक, हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल बंद रहेंगे। हालांकि यह अवकाश शिक्षकों के लिए लागू नहीं होगा।
शून्य जनहानि का लक्ष्य और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए और मौसम संबंधी चेतावनियों को पूरी गंभीरता से लिया जाए। बैठक में मुख्य जोर शून्य जनहानि सुनिश्चित करने पर रहा। इसके तहत विशेष रूप से दक्षिण बस्तर क्षेत्र के बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों में अत्यधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, जहां तेज हवाएं चलने की संभावना है। राहत शिविरों को 24 घंटे संचालित रखने और उनमें सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्वास्थ्य सचिव को चिकित्सा सुविधाओं की निर्बाध उपलब्धता के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर उन्हें आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के प्रबंध करने को कहा गया है।