Edited By Himansh sharma, Updated: 19 Oct, 2026 01:52 PM

उत्तराखंड को नए राज्यपाल के रूप में डॉ. ढाल सिंह बिसेन मिल गए हैं। उन्होंने लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल पद एवं गोपनीयता की शपथ ली
भोपाल: उत्तराखंड को नए राज्यपाल के रूप में डॉ. ढाल सिंह बिसेन मिल गए हैं। उन्होंने लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित प्रदेश सरकार के मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. बिसेन के नए संवैधानिक दायित्व संभालने पर मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। प्रदेश के कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
समारोह में शामिल हुए कई प्रमुख चेहरे
राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में योग गुरु बाबा रामदेव और परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष चिदानंद मुनि महाराज भी पहुंचे। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के साथ माता मंगला ने भी कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत समेत उत्तराखंड सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी समारोह में शामिल हुए। पुलिस एवं सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
मध्य प्रदेश की राजनीति में रहा है लंबा अनुभव
डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में सांसद के रूप में देश की संसद में प्रतिनिधित्व किया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री के तौर पर भी अपनी सेवाएं दीं। लंबे राजनीतिक अनुभव के बाद अब उन्हें उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी मिली है।
राज्यपाल का पद संभालने के साथ ही उनकी भूमिका सक्रिय राजनीति से अलग संवैधानिक दायित्वों की हो गई है। अब उन्हें संविधान के प्रावधानों के अनुरूप राज्य की शासन व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी।
संवैधानिक व्यवस्था में अहम होगी भूमिका
राज्यपाल किसी भी राज्य की संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। सरकार गठन, विधानसभा से जुड़े विभिन्न संवैधानिक विषयों और राज्य सरकार से संबंधित मामलों में राज्यपाल की भूमिका संविधान के तहत निर्धारित होती है। ऐसे में डॉ. ढाल सिंह बिसेन के सामने उत्तराखंड में इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की चुनौती और अवसर दोनों होंगे।
मध्य प्रदेश में लंबे समय तक राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े रहने के कारण डॉ. बिसेन की नई नियुक्ति को प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके राज्यपाल बनने पर मध्य प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रसन्नता जताते हुए उन्हें बधाई दी है। अब सभी की निगाहें उत्तराखंड में उनके कार्यकाल और संवैधानिक जिम्मेदारियों के निर्वहन पर रहेंगी।