चुनाव से पहले BJP को लगेगा बड़ा झटका? कई दिग्गज नेता थाम सकते हैं कांग्रेस का हाथ, इन नेताओं ने जताई घर वापसी की इच्छा

Edited By Himansh sharma, Updated: 21 Oct, 2026 01:13 PM

600 leaders seek return to madhya pradesh congress

मध्यप्रदेश की राजनीति में आने वाले समय में बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिल सकता है।

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में आने वाले समय में बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिल सकता है। कांग्रेस ने पार्टी छोड़कर जा चुके नेताओं और कार्यकर्ताओं को दोबारा संगठन से जोड़ने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी को घर वापसी के लिए 600 से अधिक आवेदन मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें 200 से ज्यादा ऐसे नेता शामिल बताए जा रहे हैं, जो पहले जिला अध्यक्ष, विधायक, पूर्व विधायक और मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या कांग्रेस चुनाव से पहले अपने पुराने नेताओं को वापस लाकर भाजपा को सियासी चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रही है?

600 से ज्यादा आवेदन, कई बड़े चेहरों की वापसी पर नजर

मध्यप्रदेश कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने और पुराने नेताओं को दोबारा पार्टी से जोड़ने की कवायद के बीच इन आवेदनों को अहम माना जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को बताया कि पार्टी को अब तक 600 से अधिक आवेदन मिल चुके हैं। इनमें 200 से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जो पहले संगठन और सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

इनमें वर्तमान और पूर्व जिला अध्यक्षों के साथ विधायक, पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। हालांकि, अभी तक सभी आवेदकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। पटवारी के मुताबिक, उचित समय पर सूची सामने रखी जाएगी।

जिला कांग्रेस कमेटियों की सहमति से होगा फैसला

कांग्रेस में वापसी की इच्छा जताने वाले नेताओं के लिए पार्टी ने प्रक्रिया भी स्पष्ट कर दी है। किसी भी नेता या कार्यकर्ता को दोबारा शामिल करने का निर्णय सीधे प्रदेश स्तर पर नहीं होगा। संबंधित जिले की कांग्रेस कमेटी की सहमति और विचार-विमर्श के बाद ही सदस्यता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

इस व्यवस्था के जरिए पार्टी स्थानीय संगठन की राय को महत्व देना चाहती है, ताकि वापसी के फैसले में पुराने कार्यकर्ताओं और जिला इकाइयों के विचारों को भी शामिल किया जा सके। यानी आवेदन करना ही पार्टी में दोबारा प्रवेश की गारंटी नहीं है।

क्या चुनाव से पहले BJP को झटका देने की रणनीति?

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की इस पहल को राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि बड़ी संख्या में अनुभवी नेता और पुराने पदाधिकारी पार्टी में लौटते हैं, तो कांग्रेस को अपने संगठन को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। खासकर उन क्षेत्रों में इसका असर देखने को मिल सकता है, जहां पुराने नेताओं का स्थानीय स्तर पर प्रभाव रहा है।

वहीं, यदि घर वापसी करने वालों में ऐसे नेता शामिल होते हैं, जो पिछले वर्षों में कांग्रेस छोड़कर भाजपा या अन्य दलों में चले गए थे, तो इस घटनाक्रम को भाजपा के लिए राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आवेदन करने वालों में कितने नेता भाजपा में शामिल हुए थे और कितने अन्य कारणों से कांग्रेस से दूर हुए थे।

पुराने साथियों को जोड़कर संगठन मजबूत करने पर जोर

कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य पुराने साथियों को फिर से संगठन से जोड़ना और जमीनी स्तर पर पार्टी की ताकत बढ़ाना है। पार्टी संविधान, सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले लोगों को अपने साथ जोड़ने पर जोर दे रही है।

अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि 600 से अधिक आवेदनों में से कितने नेताओं को पार्टी में वापसी का अवसर मिलता है और इनमें कौन-कौन से प्रमुख नाम सामने आते हैं। यदि बड़ी संख्या में प्रभावशाली नेताओं की वापसी होती है, तो मध्यप्रदेश की राजनीति में नए सियासी समीकरण बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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