BJP छोड़ 50 कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस में शामिल हुए दिग्गज नेता, बोले- मेरा अपमान हुआ, अभी देखना और कितने आएंगे!

Edited By Himansh sharma, Updated: 17 Oct, 2026 08:10 PM

bjp leader joins congress with 50 workers says more will follow

मध्य प्रदेश की सियासत में छिंदवाड़ा से भाजपा को बड़ा झटका लगा है।

छिंदवाड़ा। (साहुल सिंह): मध्य प्रदेश की सियासत में छिंदवाड़ा से भाजपा को बड़ा झटका लगा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। पूर्व सांसद नकुलनाथ की मौजूदगी में अमित सक्सेना ने करीब 50 कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में उनके स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद छिंदवाड़ा से लेकर प्रदेश की राजनीति तक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद अमित सक्सेना ने भाजपा छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि पार्टी में उनका अपमान हुआ है। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में भाजपा के कुछ और नेता भी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। अमित सक्सेना ने कहा, “अभी तो देखना, कितने लोग भाजपा से कांग्रेस में आते हैं।” उनके इस बयान को प्रदेश में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आने वाले संभावित नेताओं को लेकर बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

भाजपा में अपमान का आरोप, कांग्रेस में वापसी

अमित सक्सेना ने कांग्रेस में वापसी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने उनकी बहुत मदद की है। उनके इस बयान से साफ है कि कांग्रेस में वापसी के पीछे पुराने राजनीतिक संबंधों की भी अहम भूमिका रही है।

गौरतलब है कि अमित सक्सेना ने लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। अब भाजपा से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने फिर कांग्रेस में वापसी कर ली है। इस तरह उनका राजनीतिक सफर एक बार फिर छिंदवाड़ा की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।

किसानों के मुद्दे पर भाजपा से बढ़ी थी तल्खी

अमित सक्सेना और भाजपा संगठन के बीच विवाद की एक प्रमुख वजह किसानों से जुड़े मुद्दे भी रहे। उन्होंने छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने, किसानों को चार गुना मुआवजा देने, सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने और चौसरा में प्रस्तावित न्यूक्लियर प्लांट का काम रोकने जैसी मांगें उठाई थीं।

इन्हीं मुद्दों को लेकर उनकी भाजपा संगठन से तल्खी सामने आई थी। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। बाद में अमित सक्सेना ने भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

22 हजार वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीते थे चुनाव

अमित सक्सेना उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव करीब 22 हजार मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीता था। अब करीब 50 कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस में उनकी वापसी को छिंदवाड़ा में पार्टी के लिए अहम राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

इस बीच पूर्व सांसद नकुलनाथ ने भी अमित सक्सेना के कांग्रेस में शामिल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश में ‘घर वापसी’ की शुरुआत छिंदवाड़ा से होने की बात कही। उन्होंने किसानों के मुद्दों को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और छिंदवाड़ा व पांढुर्णा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग दोहराई।

क्या भाजपा में अभी और लगेगा झटका?

अमित सक्सेना के बयान ने अब प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। भाजपा में अपमान का आरोप लगाकर कांग्रेस में शामिल होने और आगे भी नेताओं के आने का दावा करने से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। अब सवाल यह है कि क्या अमित सक्सेना के दावे के मुताबिक भाजपा के कुछ और नेता कांग्रेस का रुख करेंगे या यह घटनाक्रम छिंदवाड़ा तक ही सीमित रहेगा? आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।

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