Edited By Himansh sharma, Updated: 17 Oct, 2026 12:34 PM

मध्य प्रदेश की राजनीति में आज छिंदवाड़ा से बड़ा घटनाक्रम सामने आने जा रहा है।
छिंदवाड़ा। (साहुल सिंह): मध्य प्रदेश की राजनीति में आज छिंदवाड़ा से बड़ा घटनाक्रम सामने आने जा रहा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना भाजपा छोड़ने के बाद आज कांग्रेस में शामिल होंगे। शनिवार शाम 6:30 बजे छिंदवाड़ा स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में पूर्व सांसद नकुलनाथ के समक्ष वे कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उनके इस कदम को छिंदवाड़ा में भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
अमित सक्सेना के कांग्रेस में शामिल होने के फैसले के पीछे किसानों के मुद्दे पर आंदोलन के बाद भाजपा संगठन के साथ बढ़ा विवाद प्रमुख वजह बताया जा रहा है। हाल ही में उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर विशाल आमसभा की थी और कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्य शासन के नाम ज्ञापन सौंपा था। इस दौरान उन्होंने छिंदवाड़ा को सूखाग्रस्त घोषित करने, चौसरा में प्रस्तावित न्यूक्लियर प्लांट का काम रोकने, किसानों को चार गुना मुआवजा देने और सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था करने जैसी मांगें उठाई थीं।
आंदोलन के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने अमित सक्सेना को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बाद सक्सेना ने भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने किसानों के हितों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही थी। उनका कहना था कि जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है और किसानों की आवाज उठाना उनकी जिम्मेदारी है।
अमित सक्सेना जिला पंचायत सदस्य का चुनाव करीब 22 हजार मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीतकर सुर्खियों में आए थे। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। अब भाजपा छोड़कर कांग्रेस में उनकी प्रस्तावित वापसी से छिंदवाड़ा की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
आज शाम 6:30 बजे राजीव भवन में होने वाला सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि अमित सक्सेना की कांग्रेस में वापसी से जिले की सियासत पर क्या असर पड़ता है।