Edited By meena, Updated: 29 Sep, 2026 09:52 PM

नगर पालिका में पीआईसी की बैठक से पहले गेट पर तालाबंदी और हंगामे का मामला अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है। नगर पालिका उपाध्यक्ष सत्येंद्र दुबे सहित पार्षद और जनप्रतिनिधि डबरा...
डबरा (भरत रावत) : नगर पालिका में पीआईसी की बैठक से पहले गेट पर तालाबंदी और हंगामे का मामला अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है। नगर पालिका उपाध्यक्ष सत्येंद्र दुबे सहित पार्षद और जनप्रतिनिधि डबरा थाने पहुंचे और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं पुलिस का कहना है कि नगर पालिका अध्यक्ष, पार्षदों और सीएमओ की ओर से लिखित शिकायत मिली है, जिसमें तालाबंदी के साथ नगर पालिका परिसर में गाय को अंदर बंद करने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक शिकायत के आधार पर एफआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जांच के बाद नामजद लोगों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, नगर पालिका में पीआईसी की बैठक निर्धारित थी। इसी दौरान नगर पालिका परिसर के मुख्य गेट पर ताला लगाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। नगर पालिका उपाध्यक्ष सत्येंद्र दुबे का आरोप है कि धरने पर बैठे कुछ लोगों और कथित गौरक्षकों ने गेट पर तालाबंदी कर दी, जिससे अंदर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों को बाहर निकलने में परेशानी हुई और शासकीय काम प्रभावित हुआ।
उपाध्यक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ताला लगाने वालों पर कार्रवाई के बजाय पुलिस किसी और को पकड़कर ले जा रही है। उन्होंने पूर्व में दिए गए आवेदनों पर भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

इधर, पुलिस प्रशासन ने भी पूरे मामले को लेकर अपना पक्ष रखा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर ने बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष, पार्षदों और सीएमओ की ओर से हस्ताक्षरित शिकायत पुलिस को मिली है। शिकायत में पीआईसी बैठक के दौरान जबरन ताले लगाने और एक गाय को नगर पालिका परिसर के अंदर बंद करने की बात कही गई है।
एएसपी के मुताबिक शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। नामजद व्यक्तियों के संबंध में तथ्यों की जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने थाने के बाहर धरने और नारेबाजी को लेकर भी जनप्रतिनिधियों से गंभीरता बनाए रखने की अपील की।