अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे BJP पार्षद, सीवरेज के गंदे पानी में बैठकर किया प्रदर्शन

Edited By Himansh sharma, Updated: 09 Oct, 2026 05:12 PM

bjp councillor protests in sewage water

शहर के वार्ड क्रमांक-2 में सीवरेज की समस्या से परेशान लोगों का गुस्सा बुधवार को सड़क पर दिखाई दिया।

उज्जैन। शहर के वार्ड क्रमांक-2 में सीवरेज की समस्या से परेशान लोगों का गुस्सा बुधवार को सड़क पर दिखाई दिया। पिपलीनाका-भैरवगढ़ मार्ग पर महीनों से जमा गंदे पानी के विरोध में भाजपा पार्षद हेमंत गहलोत खुद सीवरेज के पानी में बैठ गए। उनके समर्थन में क्षेत्र के महिला, पुरुष और बच्चे भी प्रदर्शन में शामिल हुए। आक्रोशित रहवासियों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हैरानी की बात यह रही कि क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भाजपा पार्षद को अपनी ही सरकार के स्थानीय प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया।

छह-सात महीने से परेशानी झेल रहे रहवासी

पिपलीनाका से भैरवगढ़ जाने वाला मार्ग शहर के प्रमुख रास्तों में शामिल है। इसी सड़क से काल भैरव मंदिर सहित आसपास के धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले छह से सात महीनों से सीवरेज का पानी सड़क पर फैल रहा है। इसके कारण राहगीरों और आसपास रहने वाले परिवारों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

रहवासियों ने पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई है। उनका आरोप है कि घरों में आने वाले पानी में गंदगी मिल रही है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो लोगों के सामने और गंभीर मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

स्कूली बच्चों को भी गंदे पानी से गुजरने की मजबूरी

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, इलाके में दो स्कूल संचालित हैं, जहां पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी पढ़ते हैं। सड़क पर गंदा पानी भरा होने के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। इससे दुर्घटना और संक्रमण की आशंका को लेकर अभिभावकों में भी चिंता है।

स्थानीय लोगो ने बताया कि यह रास्ता पिपलीनाका और भैरवगढ़ को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। सीवरेज का पानी लगातार बहने से सड़क पर आवागमन मुश्किल हो गया है। उन्होंने दावा किया कि दो दिन पहले इसी स्थान पर एक व्यक्ति गिरकर घायल हो गया था, जिससे उसका हाथ टूट गया। रहवासियों का यह भी आरोप है कि सीवरेज की गड़बड़ी का असर घरों तक पहुंचने वाले पानी पर पड़ रहा है।

पार्षद बोले- समय रहते नहीं चेते तो बिगड़ेंगे हालात

भाजपा पार्षद हेमंत गहलोत ने कहा कि वार्ड में सीवरेज की समस्या को लेकर संभागायुक्त, कलेक्टर और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका। उन्होंने सीवरेज व्यवस्था से जुड़े काम में गड़बड़ी के लिए टाटा कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

गहलोत ने कहा कि क्षेत्र की स्थिति ऐसी न हो जाए कि लोगों को दूषित पानी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गंभीर संकट का सामना करना पड़े, इसलिए उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने भागीरथपुरा जैसी स्थिति बनने की आशंका जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य सरकार या किसी संगठन का विरोध करना नहीं, बल्कि जनता की समस्या को अधिकारियों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना है।पार्षद के मुताबिक, जनता ने उन्हें क्षेत्र की समस्याएं उठाने और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चुना है। ऐसे में जब लगातार शिकायतों के बाद भी राहत नहीं मिली, तो सड़क पर उतरना उनकी मजबूरी बन गया।

तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी, सफाई शुरू

धरने और चक्काजाम की सूचना मिलने के बाद नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पार्षद और रहवासियों से बातचीत की तथा तत्काल सीवरेज की सफाई का काम शुरू कराया। साथ ही समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए क्षेत्र में बड़ी पाइपलाइन डालने का आश्वासन दिया।

करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद अधिकारियों की कार्रवाई और आश्वासन पर पार्षद व रहवासी धरने से उठ गए। हालांकि, क्षेत्र के लोगों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि सीवरेज की समस्या का स्थायी समाधान कितनी जल्दी होता है और पेयजल को लेकर जताई गई चिंताओं पर नगर निगम क्या कदम उठाता है।

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