Edited By Himansh sharma, Updated: 23 Oct, 2026 02:24 PM

कांग्रेस ने हमेशा जनजातीय समाज को केवल वोट बैंक के रूप में देखा
रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): कांग्रेस ने हमेशा जनजातीय समाज को केवल वोट बैंक के रूप में देखा। यही कारण है कि जनजातीय समाज ने कांग्रेस को छोड़ दिया। 55-60 वर्षों तक देश में शासन करने वाली कांग्रेस अब बताए कि उसने जनजातीय समाज के जीवन में वास्तविक बदलाव के लिए क्या किया?
कांग्रेस द्वारा बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होने आई महामहिम राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान प्रशासनिक तैयारियों को ‘प्रशासनिक दखलंदाजी’ बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उक्त बातें कही। वे मीडिया के प्रश्नों का जवाब दे रहे थे ।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज के सम्मान, अधिकार और सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जनजातीय समाज के कल्याण और विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता में रखा है। जनजातीय कार्य मंत्रालय के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों के विकास, शिक्षा, आजीविका और सशक्तीकरण के लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्य हो रहा है। छत्तीसगढ़ में भी विभिन्न विकास प्राधिकरणों और योजनाओं के जरिए जनजातीय अंचलों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को तेज गति दी जा रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों तथा हमारे सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा का माहौल था, आज वहाँ सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के नए अवसर पहुँच रहे हैं। दूरस्थ गाँव विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और बस्तर शांति एवं विश्वास के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को आरोप लगाने से पहले अपने लंबे शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। आज जनजातीय समाज जागरूक है। वह साफ देख रहा है कि किसने केवल उसके नाम पर राजनीति की और किसने उसके सम्मान, सुरक्षा तथा विकास के लिए जमीन पर काम किया है।