Edited By meena, Updated: 26 Oct, 2026 03:59 PM

मध्य प्रदेश में राज्य वित्त आयोग का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। अब आयोग 31 अक्टूबर 2027 तक कार्य करेगा। इससे पहले आयोग का कार्यकाल 31...
भोपाल : मध्य प्रदेश में राज्य वित्त आयोग का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। अब आयोग 31 अक्टूबर 2027 तक कार्य करेगा। इससे पहले आयोग का कार्यकाल 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित था। कार्यकाल बढ़ने के साथ ही आयोग को अपनी प्रारंभिक सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए भी एक महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया अपने पद पर बने रहेंगे।
दरअसल, राज्य वित्त आयोग को त्रिस्तरीय पंचायतों और नगरीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सिफारिशें देनी हैं। इनमें करों, शुल्कों और अन्य राजस्व के वितरण से संबंधित सुझाव शामिल हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आयोग को अपनी प्रारंभिक सिफारिशें 31 अक्टूबर 2026 तक राज्यपाल को प्रस्तुत करनी थीं। अब इस समयसीमा को बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 कर दिया गया है। इससे आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
राज्य वित्त आयोग की सिफारिशें पंचायतों और नगरीय निकायों को वित्तीय संसाधनों के वितरण के लिहाज से महत्वपूर्ण होती हैं। इनके आधार पर स्थानीय निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता से जुड़े विषयों पर निर्णय लेने में मदद मिलती है। आयोग का कार्यकाल बढ़ाए जाने के बाद अब उसकी नजर निर्धारित समयसीमा में प्रारंभिक सिफारिशें प्रस्तुत करने पर रहेगी।