Edited By meena, Updated: 18 Feb, 2023 01:29 PM

हर वर्ष महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर लाखों श्रद्धालु धूमेश्वर महादेव मंदिर पर पहुंचते हैं और विधि विधान से अभिषेक कर भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं
डबरा (भरत रावत): हर वर्ष महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर लाखों श्रद्धालु धूमेश्वर महादेव मंदिर पर पहुंचते हैं और विधि विधान से अभिषेक कर भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं। वैसे तो हर रोज यहां आसपास एवं दूरदराज से काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं लेकिन महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं का रात दिन आना लगा रहता है। यही वजह है कि महाशिवरात्रि का भव्य मेला अपने आप में एक अलग पहचान बनाए हुए है। महाशिवरात्रि के दिन रात्रि 12:00 बजे से कावर चढ़ना शुरू हो जाती है यह कार्यक्रम सवेरे तक चलता है।

वहीं मेले की ऐसी भव्यता देखते हुए मंदिर के महंत श्री अनिरुद्धवन महाराज के निर्देशन एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारीयों के निर्देशन में कमेटी के सदस्य पहले से ही व्यवस्थाओं में लग जाते हैं। यदि बात करें कांवरों की तो पुरुषों के साथ महिलायें भी यहां कांवरें चढ़ती हैं।
वहीं पर मीडिया से बात करते हुए धूमेश्वर महादेव मंदिर के महेंद्र श्री 1008 श्री अनिरुद्ध महाराज ने बताया है कि मंदिर का इतिहास 5000 वर्ष पुराना है। क्षेत्र में कई राजाओं का राज्य भी रह चुका है। धूमेश्वर महादेव मंदिर के इतिहास को देखते हुए यहां पर नागवंशी राजाओं का राज रह चुका है। यह पमाया राज्य पद्मावती कि राज्य से भी जाना जाता है। धूमेश्वर महादेव मंदिर पर हर वर्ष महाशिवरात्रि पर विशाल मेले का आयोजन होता है जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं कांवर चढ़ाने के लिए पहुंचते हैं जिसकी व्यवस्था भी प्रशासन एवं स्थानीय मंदिर कमेटी के लोगों द्वारा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि यहां पर जो भी श्रद्धालु अपने सच्चे मन, वचन, कर्म से जो भी मांगते हैं उनकी हर मनोकामना पूरी होती हैं।