Edited By Himansh sharma, Updated: 15 Oct, 2026 12:25 PM

मध्य प्रदेश भाजपा की अंदरूनी सियासत में कोर ग्रुप की बैठक से जुड़ी चर्चाओं ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
भोपाल/रीवा। मध्य प्रदेश भाजपा की अंदरूनी सियासत में कोर ग्रुप की बैठक से जुड़ी चर्चाओं ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। बंद कमरे में हुई बैठक की बातें सार्वजनिक होने के बाद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने नाराजगी जाहिर करते हुए साफ संदेश दिया है कि गोपनीय चर्चा बाहर पहुंचाने वालों को भविष्य में कोर ग्रुप की बैठक में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा। उनके इस बयान के बाद पार्टी के भीतर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
दरअसल, हाल ही में हुई भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था के कामकाज को लेकर कई सवाल उठने की खबरें सामने आई थीं। बताया गया कि बैठक में कुछ मंत्रियों ने सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर अपनी असहमति जताई थी। इसी दौरान डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल की ओर से भी अधिकारियों के रवैये को लेकर नाराजगी व्यक्त किए जाने की चर्चा सामने आई थी।
बैठक की बातें बाहर आने पर क्यों नाराज हुए राजेंद्र शुक्ल?
कोर ग्रुप की बैठक में हुई कथित चर्चाओं के सार्वजनिक होने के बाद जब राजेंद्र शुक्ल से इस संबंध में सवाल किया गया, तो उन्होंने गोपनीयता को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोर ग्रुप की बैठक में होने वाली बातचीत को बाहर साझा करना उचित नहीं है। ऐसा करने वाले व्यक्ति को भविष्य में इस बैठक का हिस्सा बनने का अवसर नहीं मिलेगा।
उनके इस बयान को पार्टी की आंतरिक बैठकों की गोपनीयता बनाए रखने के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, बैठक की बातें बाहर पहुंचाने वाले किसी व्यक्ति की पहचान को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
भाजपा के अंदर अब किस बात की चर्चा?
राजेंद्र शुक्ल की चेतावनी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कोर ग्रुप की बैठक में हुई चर्चा बाहर कैसे पहुंची? क्या किसी सदस्य ने बातचीत सार्वजनिक की या फिर बैठक से जुड़ी जानकारी किसी अन्य माध्यम से बाहर आई? फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं।
कोर ग्रुप भाजपा की महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल होता है, जहां संगठन और सरकार से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होती है। ऐसे में बैठक के भीतर की बातों का सार्वजनिक होना पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है। यही वजह है कि गोपनीयता को लेकर दिया गया डिप्टी सीएम का बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
रीवा में पत्रकारों के सवालों पर भी दिखी नाराजगी
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल रीवा में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। कोर ग्रुप की बैठक से जुड़े सवालों के बीच उन्होंने पत्रकार वार्ता को लेकर भी सवाल उठाया और कहा, “ये पत्रकार वार्ता किसने बुलाई थी?
उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक चर्चाओं को और हवा मिल गई। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बैठक की गोपनीय बातें बाहर आने के पीछे कौन जिम्मेदार है। ऐसे में भाजपा के कोर ग्रुप का कथित ‘विभीषण’ कौन है, यह सवाल अभी अनुत्तरित है।