Edited By Vandana Khosla, Updated: 29 Sep, 2026 12:39 PM

MP desk: मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में लोकायुक्त टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यहां 20 हजार रुपये लेते एक पटवारी को रंगे हाथ पकड़ा है। दो पटवारियों और एक तहसीलदार के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। बताया गया कि जिले में कृषि भूमि...
MP desk: मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में लोकायुक्त टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यहां 20 हजार रुपये लेते एक पटवारी को रंगे हाथ पकड़ा है। दो पटवारियों और एक तहसीलदार के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। बताया गया कि जिले में कृषि भूमि के नामांतरण के एवज में दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
शिकायतकर्ता पुनीत नाड़ीवाल ने बताया कि ग्राम सतावड़ , तहसील सेगांव में उनकी पत्नी ममता नाड़ीवाल के नाम कृषि भूमि है, जिसका नामांतरण कराया जाना था। इस संबंध में उन्होंने सेगांव तहसीलदार अंतरसिंह कनेश से संपर्क किया था। तहसीलदार ने उन्हें संबंधित पटवारी से बात करने के लिए कहा। मामले में पटवारी खुम सिंह धारवे से बातचीत की गई। आरोप है कि खुम सिंह धारवे ने हलका नंबर 26 के पटवारी कुलदीप यादव के माध्यम से नामांतरण कराने के एवज में दो लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।
लेकिन, पुनीत नाड़ीवाल पटवारी को रिश्वत नहीं देना चाहता था। इसीलिए मामले में 25 सितंबर को इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी। शिकायत में सत्यापन के बाद लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप कार्रवाई की। खरगोन में शारदा हॉस्पिटल के सामने पाटीदार मेडिकल के पास जैसे ही शिकायतकर्ता ने पटवारी खुम सिंह धारवे को 20 हजार रुपये रिश्वत दी गई। टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। बताया गया कि धारवे हलका नंबर 5, ग्राम दसनावल, तहसील कसरावद में पटवारी है।
मामले में पटवारी खुम सिंह धारवे, पटवारी कुलदीप यादव और तहसीलदार अंतरसिंह कनेश के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मामले में तीनों की भूमिका की जांच की जा रही है। लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई के बाद जिले के राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।