Edited By Vandana Khosla, Updated: 17 Oct, 2026 12:12 PM

इंदौर (सचिन बहरानी): मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हुआ है। यहां इंदौर की रेसिडेंसी कोठी में पहुंची पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया ने उनसे मुलाकात के बारे में...
इंदौर (सचिन बहरानी): मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हुआ है। यहां इंदौर की रेसिडेंसी कोठी में पहुंची पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया ने उनसे मुलाकात के बारे में पूछा तो सुमित्रा महाजन ने मजाकिया अंदाज में बयान दिया है। बोली- ‘नौकरी मांगने आई थी…’ ताई का यह जवाब भले ही हंसी-मजाक के अंदाज में दिया गया हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हैं।
जानकारी के अनुसार, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सीएम मोहन यादव से मुलाकात की गई। इंदौर की रेसिडेंसी कोठी में मुलाकात के बाद मीडिया ने जब उनसे पूछा कि वह मुख्यमंत्री से मिली है, तो ताई ने मजाकिया अंदाज में कहा— “हां, नौकरी मांगने आई थी।” वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर चर्चा शुरू हो गई हैं। सवाल उठ रहा है कि आठ बार लोकसभा चुनाव जीतने और लोकसभा अध्यक्ष जैसे अहम पद पर रहने वाली सुमित्रा महाजन की मुख्यमंत्री से इस मुलाकात का मकसद क्या था? हालांकि, ताई ने अपने इस मजाकिया जवाब के जरिए किसी राजनीतिक नियुक्ति या पद की मांग की पुष्टि नहीं की।
वहीं, मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान इंदौर के जल संकट पर चर्चा की गई। सुमित्रा महाजन ने डैमेज पाइपलाइनों और नर्मदा की लाइनों में होने वाले लीकेज को लेकर चिंता जताई। उनका सुझाव था कि शहर की पाइपलाइनों का डिजिटल मैप तैयार किया जाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट रहे कि कौन-सी लाइन कहां से गुजर रही है और जरूरत पड़ने पर लीकेज का स्थान आसानी से पता लगाया जा सके।
बता दें कि सुमित्रा महाजन के “नौकरी मांगने आई थी” वाले मजाक ने राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू किया है, लेकिन उनकी मुलाकात का वास्तविक उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं है। दूसरी ओर, पाइपलाइन के डिजिटल मैप और जल संकट पर उनकी टिप्पणी ने शहर की बुनियादी जरूरतों से जुड़ा सवाल फिर सामने ला दिया है।