Edited By Himansh sharma, Updated: 15 Oct, 2026 06:15 PM

बुधनी के कोसमी में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और लोगों के मकान-झोपड़ियां तोड़े जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
भोपाल (इजहार खान): बुधनी के कोसमी में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और लोगों के मकान-झोपड़ियां तोड़े जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से सवाल पूछा गया कि जब शिवराज सिंह चौहान अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ रहे हैं, तो इस पर उन्होंने क्या कहा?
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि शिवराज सिंह चौहान की आदिवासी क्षेत्रों में पदयात्राएं शुरू होने के बाद बड़े पैमाने पर जंगल कटवाकर लोगों को अवैध कब्जे दिए गए। उन्होंने कहा कि इस तरह की कई शिकायतें उनके पास आई हैं। साथ ही, उन्होंने वन विकास निगम का संबंधित नोटिफिकेशन देखने की बात भी कही।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिन लोगों की झोपड़ियां और मकान तोड़े गए हैं, उनके मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। जांच में यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि प्रभावित लोगों के पास कोई दूसरी जमीन है या नहीं, वे वास्तव में भूमिहीन हैं या नहीं और वन अधिकार अधिनियम लागू होने के समय से उनका संबंधित जमीन पर कब्जा था या नहीं।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग करते हुए कहा कि जो लोग वास्तव में भूमिहीन हैं, उनके साथ वे खड़े हैं। यदि ऐसे लोगों के मकान या झोपड़ियां गलत तरीके से तोड़ी गई हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति भी सामने लाई जानी चाहिए।