Edited By Desh Raj, Updated: 17 Oct, 2026 11:12 PM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सांस्कृतिक कलाएं और परंपराएं जीवन में उत्साह और उमंग भर देती हैं। वे शनिवार की रात्रि आंध्र प्रदेश में आयोजित विजयवाड़ा उत्सव में सहभागिता कर रहे थे।
(भोपाल):मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सांस्कृतिक कलाएं और परंपराएं जीवन में उत्साह और उमंग भर देती हैं। वे शनिवार की रात्रि आंध्र प्रदेश में आयोजित विजयवाड़ा उत्सव में सहभागिता कर रहे थे। कार्यक्रम में दक्षिण का वैभव थीम पर कलाकारों के विभिन्न समूहों ने मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आंध्र प्रदेश सरकार और टूरिज्म डिपार्टमेंट की ओर से आत्मीय स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां कनक दुर्गा और भगवान मल्लिकार्जुन स्वामी के चरणों में नमन करते हुए कहा कि विजयवाड़ा उत्सव का यह द्वितीय वर्ष है। नवरात्रि पर्व चल रहा है। मां दुर्गा हमें सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देती है। विजयवाड़ा उत्सव का वैभव ऐसा है कि आज भगवान इंद्र भी इसे आशीर्वाद दे रहे हैं। बारिश की बूंदें उत्सव के आनंद और उमंग को बढ़ा देती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां कृष्णा नदी के किनारे स्थित विजयवाड़ा विजय की धरती है।
देश में बढ़ता जा रहा विजयवाड़ा उत्सव का वैभव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेशवासियों की ओर से हर कार्य में आपकी विजय की कामना करता हूं। उन्होंने मध्यप्रदेशवासियों की ओर से आंध्र प्रदेश के नागरिकों को विजयदशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। विविधता से भरी भारतीय संस्कृति में दक्षिण की संस्कृति और परंपराएं हम सभी को रोमांचित करती हैं। देश भर में विजयवाड़ा उत्सव का वैभव बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने विजयवाड़ा उत्सव के आयोजकों को भव्य और स्वास्थ्य आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजयवाड़ा उत्सव में 4 से 5 हजार कलाकार अपने विभिन्न सांस्कृतिक नृत्य और कलाओं की प्रस्तुति दे रहे हैं।
मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश का संबंध हजारों सालों से
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृष्णा नदी के किनारे स्थित यह पर्वतीय क्षेत्र हीरा खनन के लिए भी प्रसिद्ध है। बताया जाता है कि यहीं से प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा निकला था, जो तत्कालीन ब्रिटिश शासकों के हाथों में चला गया। भारत सरकार प्रसिद्ध कोहिनूर हीरे को वापिस भारत लाने के लिए प्रयास कर रही है। विजयवाड़ा का मैंगो मार्केट देशभर में प्रसिद्ध है। मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश का संबंध हजारों सालों से रहा है। दोनों राज्य ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और परंपराओं को समृद्ध करते हुए परस्पर सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने विजयवाड़ा उत्सव में उपस्थित सभी दर्शकों और श्रद्धालुओं को उज्जैन में बाबा महाकाल और ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने और किसी समय लुप्त हुए चीतों को मध्यप्रदेश में तीन स्थानों पर बसाने और प्रदेश की समृद्ध वन्य प्राणी सम्पदा के दर्शन के लिए आमंत्रित किया।