Edited By Desh Raj, Updated: 22 May, 2026 08:47 PM

मध्य प्रदेश के नीमच जिले में जालसाजी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर कानून के रखवाले भी सन्न रह गए हैं। एक जिंदा शातिर शख्स ने खुद को मृत व्यक्ति का 'फर्जी बेटा' घोषित कर दिया और जमीन हथिया ली।
नीमच (मूलचंद खींची): मध्य प्रदेश के नीमच जिले में जालसाजी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर कानून के रखवाले भी सन्न रह गए हैं। एक जिंदा शातिर शख्स ने खुद को मृत व्यक्ति का 'फर्जी बेटा' घोषित कर दिया और जमीन हथिया ली। इस महा-घोटाले में गांव के सरपंच, सचिव से लेकर इलाके के पटवारी और तहसीलदार तक ने 'ईमान' बेचकर उसका साथ दे दिया। लेकिन पाप का घड़ा फूटा और EOW (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) भोपाल ने इस पूरे गैंग का भंडाफोड़ करते हुए FIR दर्ज कर ली है।
'बाप' बदला, वंशावली बदली... और हड़प ली 2 हेक्टेयर जमीन
मामला नीमच जिले की रामपुरा तहसील के ग्राम बैंसला का है। यहाँ के एक शातिर आरोपी भगवान मीणा की नजर गांव के ही एक मृतक 'केदार मीणा' की करीब 2 हेक्टेयर (लगभग 8 बीघा) की कीमती कृषि भूमि पर थी। जमीन हड़पने के लिए भगवान मीणा ने जो फिल्मी स्क्रिप्ट लिखी, उसने सबको हैरान कर दिया!
इस तरह से लिखी फर्जीवाड़े की कहानी
भगवान मीणा ने अपने असली पिता (भेरूलाल मीणा) का नाम कागजों में बदलकर खुद को मृतक केदार का इकलौता बेटा और वारिस घोषित कर दिया।
फिर ग्राम पंचायत बैंसला की सरपंच प्रेमलता और सचिव आनंद सक्सेना ने बिना जांच किए आंखें मूंदकर 'फर्जी वारिसान प्रमाण पत्र' जारी कर दिया।
यही नहीं तत्कालीन पटवारी अनुराग पाटीदार ने अपनी कलम की ताकत का गलत इस्तेमाल करते हुए झूठी वंशावली और फर्जी पंचनामा तैयार कर कोर्ट में पेश कर दिया।
इसके बाद तहसीलदार ने अपना कारनामा किया। तत्कालीन तहसीलदार रामपुरा, बी.के. मकवाना ने पद का दुरुपयोग करते हुए बिना किसी जांच-पड़ताल के इस फर्जीवाड़े पर अपनी मुहर लगा दी और जमीन का नामान्तरण (Fauti Namantaran) आरोपी भगवान के नाम कर दिया।
कौन-कौन बना आरोपी:-
EOW भोपाल ने शिकायत क्रमांक 772/25 की जांच के बाद इस 'सरकारी सिंडिकेट' के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस FIR में ये बड़े नाम शामिल हैं।
1:- भगवान मीणा (मुख्य आरोपी) – जिसने फर्जी बेटा बनकर जमीन हड़पी।
2:- प्रेमलता अमर रावत – तत्कालीन सरपंच, ग्राम पंचायत बैंसला।
3:- आनंद सक्सेना – सचिव, ग्राम पंचायत बैंसला।
4:- अनुराग पाटीदार – तत्कालीन पटवारी, बैंसला।
5:- बी.के. मकवाना – तत्कालीन तहसीलदार, रामपुरा।
(इनके अलावा कुछ अन्य सह-आरोपी भी रडार पर हैं।)
इन संगीन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
EOW ने सभी आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। लोकसेवकों द्वारा पद के दुरुपयोग और रिश्वतखोरी की धारा 7 (ग) एवं 12 के तहत मामला दर्ज।