Edited By Himansh sharma, Updated: 02 Apr, 2026 07:29 PM

मध्य प्रदेश में इस बार सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को तबादलों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को तबादलों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। हर साल मई में हटने वाला तबादला बैन इस बार जनगणना कार्य के चलते जून तक टलता नजर आ रहा है। प्रशासनिक तैयारियों और व्यापक स्तर पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने के कारण सरकार फिलहाल तबादलों पर रोक बनाए रखेगी।
दरअसल, प्रदेश में 15 अप्रैल से जनगणना प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, जिसके तहत 1 मई से डोर-टू-डोर सर्वे अभियान चलेगा। इस अभियान में करीब 1.90 लाख कर्मचारियों को मैदान में उतारा जाएगा। इनमें लगभग 1.60 लाख प्रगणक और 30 हजार पर्यवेक्षक शामिल हैं, जो घर-घर जाकर मकानों, दुकानों और अन्य भवनों का सर्वे करेंगे। हर प्रगणक को औसतन 200 मकानों की जिम्मेदारी दी गई है।
जनगणना की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। प्रदेश में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा फील्ड स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो 4 अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद सर्वे से पहले प्रगणकों को अंतिम ट्रेनिंग देकर 1 मई से काम में लगाया जाएगा। यह पूरा सर्वे अभियान 30 मई तक चलेगा, जिसके चलते बड़ी संख्या में कर्मचारी फील्ड में व्यस्त रहेंगे।
यही वजह है कि इस बार मई में तबादलों से बैन हटना मुश्किल माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, 30 मई के बाद ही सीमित समय के लिए तबादलों पर विचार किया जा सकता है, जिसमें एक तय प्रतिशत तक ही ट्रांसफर की अनुमति दी जा सकती है।
इसका सबसे ज्यादा असर शिक्षकों पर पड़ सकता है। 15 जून से स्कूल खुलने के बाद तबादलों की प्रक्रिया जटिल हो सकती है, जिससे कई शिक्षक अपने इच्छित स्थानांतरण से वंचित रह सकते हैं।
वहीं, कर्मचारी संगठनों ने सरकार से बैन हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, लेकिन इसके बाद कर्मचारियों की व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तबादलों की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। कई कर्मचारी ऐसे हैं जो पारिवारिक कारणों, स्वास्थ्य समस्याओं या पति-पत्नी के अलग-अलग जिलों में पदस्थ होने के कारण तबादले की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कुल मिलाकर, इस बार मध्य प्रदेश में तबादलों का कैलेंडर पूरी तरह जनगणना पर निर्भर करता दिख रहा है, जिससे हजारों कर्मचारियों को जून तक इंतजार करना पड़ सकता है।