Edited By Himansh sharma, Updated: 24 May, 2026 05:40 PM

मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस के भीतर उथल-पुथल देखने को मिल रही है
भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस के भीतर उथल-पुथल देखने को मिल रही है। इंदौर से जुड़े राजनीतिक परिवार के सदस्य विशाल मालवीय द्वारा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद सियासी गलियारों में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। अब सबसे बड़ी अटकल यह लगाई जा रही है कि वे जल्द ही भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकते हैं।कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता रहे राधाकिशन मालवीय के पोते विशाल मालवीय वर्तमान में इंदौर जनपद पंचायत सदस्य हैं। वे देवास-शाजापुर क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ चुके राजेंद्र मालवीय के पुत्र भी हैं। राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद संगठन से असंतोष जताते हुए उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का निर्णय लिया।
सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, इस्तीफे के बाद अब उनके भाजपा में शामिल होने की संभावना को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं। इसका एक बड़ा कारण यह भी बताया जा रहा है कि उनके पारिवारिक संबंध भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत से जुड़े हुए हैं।
संगठन पर गंभीर आरोप, नेतृत्व पर सवाल
अपने इस्तीफे में विशाल मालवीय ने संगठनात्मक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में चाटुकारिता और व्यक्तिगत समीकरणों को महत्व दिया जा रहा है, जबकि वर्षों से जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन में कुछ चुनिंदा लोगों को ही पद और प्रतिष्ठा मिल रही है, जिससे समर्पित कार्यकर्ताओं का आत्मसम्मान प्रभावित हो रहा है।
प्रदेश नेतृत्व पर भी नाराजगी
इस पूरे घटनाक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की कार्यशैली को लेकर भी असंतोष की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि विशाल मालवीय ने पहले भी अपनी नाराजगी एक पत्र के माध्यम से प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाई थी, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
भाजपा में जाने की चर्चा क्यों?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस्तीफे के बाद विशाल मालवीय के पास भाजपा में जाने का विकल्प मजबूत दिखाई दे रहा है। संगठन से नाराजगी, पारिवारिक राजनीतिक संपर्क और वर्तमान राजनीतिक माहौल को देखते हुए उनके कदम जल्द ही सत्तारूढ़ दल की ओर बढ़ सकते हैं। हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से किसी भी नई पार्टी में शामिल होने की घोषणा नहीं की गई है।
कांग्रेस में अंदरूनी असंतोष भी उजागर
इस घटनाक्रम के बाद इंदौर कांग्रेस में गुटबाजी और असंतोष की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। कई स्थानीय नेताओं ने सोशल मीडिया और पत्राचार के माध्यम से संगठनात्मक कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। कुछ मामलों में वरिष्ठ नेतृत्व को भी शिकायतें भेजी गई हैं, जिनमें पार्टी कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।