Edited By Himansh sharma, Updated: 28 May, 2026 01:02 PM

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ केंद्र में आ गए हैं।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ केंद्र में आ गए हैं। आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही चर्चाओं के बीच अब उनके नाम को लेकर तस्वीर लगभग साफ होती दिखाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान ने कमलनाथ को राज्यसभा भेजने का मन बना लिया है और जल्द ही इस पर औपचारिक घोषणा भी हो सकती है।
दरअसल, बीते कुछ दिनों से दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच मध्य प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों और राज्यसभा चुनाव को लेकर लगातार मंथन चल रहा था। पार्टी ऐसे चेहरे की तलाश में थी जो न सिर्फ अनुभव रखता हो, बल्कि प्रदेश संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ भी रखता हो। ऐसे में कमलनाथ का नाम सबसे आगे निकलकर सामने आया।
दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से कमलनाथ की मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल और तेज हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच लंबी चर्चा हुई, जिसमें राज्यसभा चुनाव, मध्य प्रदेश कांग्रेस की रणनीति और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से बातचीत हुई। इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो कांग्रेस फिलहाल मध्य प्रदेश में किसी भी प्रकार की अंदरूनी खींचतान से बचना चाहती है। कमलनाथ को पार्टी का सबसे अनुभवी और स्वीकार्य चेहरा माना जाता है। लंबे संसदीय अनुभव के साथ-साथ संगठन पर उनकी पकड़ आज भी मजबूत है। यही वजह है कि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजकर राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने की तैयारी में दिखाई दे रही है।
कमलनाथ के नाम पर सहमति बनने के पीछे एक बड़ी वजह यह भी बताई जा रही है कि प्रदेश कांग्रेस के अधिकांश वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के बीच उनके नाम को लेकर कोई बड़ा विरोध नजर नहीं आ रहा। ऐसे में कांग्रेस इस सीट को बिना किसी विवाद के सुरक्षित रखना चाहती है।
हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन दिल्ली में हुई हलचल और लगातार बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों ने यह संकेत जरूर दे दिए हैं कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा की इस बड़ी सियासी बाजी में कमलनाथ का नाम लगभग तय माना जा रहा है।