Edited By Himansh sharma, Updated: 30 May, 2026 06:46 PM

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। जैसे-जैसे नामांकन की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दलों में रणनीतिक बैठकों का दौर तेज हो गया है। खासकर कांग्रेस खेमे में क्रॉस वोटिंग की आशंका को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।भोपाल में आज आयोजित मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस की अहम बैठक में पार्टी के कई बड़े नेता शामिल हुए, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया मौजूद रहे।
उमंग सिंघार का बड़ा बयान – 3 से 5 जून के बीच होगा ऐलान
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उमंग सिंघार ने साफ किया कि राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम 3 से 5 जून के बीच घोषित कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह रणनीति के तहत आगे बढ़ रही है और संगठन को मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है। सिंघार ने आदिवासी मुद्दों को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला भी बोला और आरोप लगाया कि आदिवासी समाज के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 30 जून को आदिवासी समुदाय बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे “उलगुलान” का नाम दिया गया है।
दिग्विजय सिंह पहले ही कर चुके हैं इनकार
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा में दोबारा जाने से इनकार कर दिया है। उनका मौजूदा कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा है, लेकिन उन्होंने सक्रिय रूप से फिर से उच्च सदन में जाने की इच्छा नहीं जताई है।
दावेदारी की दौड़ में ये बड़े नाम
कांग्रेस के भीतर राज्यसभा टिकट को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और गांधी परिवार की करीबी मानी जाने वाली मीनाक्षी नटराजन प्रमुख रूप से शामिल हैं। पार्टी किसी आदिवासी चेहरे को भी मौका देने पर विचार कर रही है।
18 जून को होगा मतदान और मतगणना
चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार -
नामांकन प्रक्रिया: 1 जून से शुरू, नामांकन की अंतिम तिथि: 8 जून
स्क्रूटनी: 9 जून, नाम वापसी: 11 जून
मतदान और मतगणना: 18 जून (एक ही दिन)
क्रॉस वोटिंग को लेकर अलर्ट मोड में कांग्रेस
कांग्रेस नेतृत्व दिल्ली से लेकर भोपाल तक लगातार बैठकें कर रहा है ताकि विधायकों में एकजुटता बनी रहे। पार्टी को डर है कि अगर क्रॉस वोटिंग होती है तो एक सीट पर मुकाबला बेहद मुश्किल हो सकता है। यही वजह है कि उम्मीदवार चयन में भी विशेष सावधानी बरती जा रही है।