पूर्व CM दिग्विजय सिंह को कांग्रेस देगी Gift? मिल सकती है यह बड़ी जिम्मेदारी, दिल्ली में होगा अंतिम फैसला

Edited By Himansh sharma, Updated: 27 May, 2026 05:50 PM

digvijay singh may return to rajya sabha as congress weighs big decision

मध्य प्रदेश की राजनीति एक बार फिर राज्यसभा चुनाव को लेकर गर्मा गई है।

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति एक बार फिर राज्यसभा चुनाव को लेकर गर्मा गई है। कांग्रेस के भीतर वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को उच्च सदन भेजने की मांग ने संगठन में नई बहस छेड़ दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा के बयान के बाद यह मुद्दा केवल प्रदेश तक सीमित न रहकर दिल्ली दरबार तक पहुंच गया है, जहां अब अंतिम रणनीति तय होने की संभावना है।कांग्रेस खेमे में यह चर्चा तेज है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में अनुभवी चेहरों को राज्यसभा में भेजना संगठन के लिए लाभकारी हो सकता है। इसी संदर्भ में दिग्विजय सिंह का नाम फिर से सबसे आगे बताया जा रहा है। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान और प्रदेश नेतृत्व की सामूहिक सहमति से ही लिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में जल्द होने वाली बैठक में मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीटों को लेकर विस्तृत चर्चा होगी। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की मौजूदगी में संभावित नामों पर मंथन किया जाएगा। यह भी माना जा रहा है कि यह बैठक किसी एक नाम पर सहमति बनाने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है।इधर, भाजपा ने कांग्रेस के भीतर चल रही इस गतिविधि पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस में संगठनात्मक एकजुटता की कमी है और नेता आपसी प्रतिस्पर्धा में एक-दूसरे को कमजोर करने में लगे हैं। भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस की आंतरिक अस्थिरता का संकेत बताया है।

राज्यसभा चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 1 जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 18 जून को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी। मध्य प्रदेश की तीन सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में राजनीतिक समीकरण स्पष्ट रूप से भाजपा के पक्ष में दिखाई देते हैं, जिसके पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत है।वर्तमान विधानसभा गणित के अनुसार भाजपा के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं। इसी कारण माना जा रहा है कि तीन सीटों में से दो पर भाजपा और एक पर कांग्रेस की दावेदारी मजबूत स्थिति में रहेगी। ऐसे में कांग्रेस के लिए उम्मीदवार चयन केवल राजनीतिक संदेश का विषय नहीं बल्कि रणनीतिक संतुलन का भी हिस्सा बन गया है।

मध्य प्रदेश में जिन प्रमुख नेताओं का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें दिग्विजय सिंह सहित अन्य नाम शामिल हैं। ऐसे में नए चेहरों या पुराने अनुभवी नेताओं के बीच चयन को लेकर पार्टी के भीतर विचार-विमर्श और तेज हो गया है। कुल मिलाकर, राज्यसभा चुनाव ने मध्य प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। दिल्ली में होने वाली अगली बैठक अब यह तय करेगी कि कांग्रेस अपने अनुभव पर भरोसा करती है या नए समीकरणों के साथ आगे बढ़ती है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!